ये है कनेक्शन गांधीनगर सीट और आडवाणी का….

नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी के लिए गुजरात की गांधीनगर सीट वह शुभंकर है, जहां से जीतने वाले अटल बिहारी वाजपेयी इस दल के पहले प्रधानमंत्री और बाद में लालकृष्ण आडवाणी उपप्रधानमंत्री बने.

कांग्रेस में जिस तरह अमेठी गढ़ माना जाता है उसी तरह गांधीनगर सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है. वाजपेयी के बाद 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 में लगातार एलके आडवाणी ने इस सीट को अपने नाम किया.

लालकृष्ण आडवाणी
1927 में कराची में पैदा हुए लालकृष्ण आडवाणी बीजेपी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में हैं. कानून की पढ़ाई करने वाले आडवाणी 1947 में आरएसएस से जुड़े और उस वक्त भारत का हिस्सा रहे कराची के सचिव बने. आजादी के बाद वह भारतीय जनसंघ का हिस्सा बने.

1970 में पहली बार वह राज्यसभा सांसद बने और 1973 से 1977 तक भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष रहे. 1976 में आडवाणी दूसरी बार राज्यसभा सांसद बने और 1977-79 तक केंद्र में मंत्री रहे. 1982 में तीसरी बार राज्यसभा भेजे गए.

इसके बाद 1986 से 1991 तक वह भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष रहे. 1988 में चौथी बार राज्यसभा सांसद बनने के बाद उन्होंने 1989 के आम लोकसभा चुनाव में हिस्सा लिया और पहली बार लोकसभा सांसद बने.

यहां से कब कौन बने सांसद
वर्ष पार्टी सांसद

2014 बीजेपी- लालकृष्ण आडवाणी
2009 बीजेपी एलके आडवाणी
2004 बीजेपी एलके आडवाणी
1999 बीजेपी एलके आडवाणी
1998 बीजेपी एलके आडवाणी
1996 बीजेपी अटल बिहारी वाजपेयी
1991 बीजेपी लाल कृष्ण आडवाणी
1989 बीजेपी शंकर सिंह वाघेला
1984 कांग्रेस जीआइ पटेल
1980 कांग्रेस अमृत मोहन पटेल
1977 बीएलडी पुरुषोत्तम गणेश मावलंकर
1971 एनसीओ एसएम सोलंकी
1967 कांग्रेस एसएम सोलंकी

अब तक कुल सात बार आडवाणी लोकसभा सांसद निर्वाचित हो चुके हैं और चार बार राज्यसभा सांसद रहे हैं.

%d bloggers like this: