हमीरपुर में हनुमान जी के ऐतिहासिक मेले का 19 से होगा आगाज, गहरा इस मूर्ति का रहस्य

हमीरपुर: हमीरपुर जिले में इटरा के हनुमान जी के ऐतिहासिक दो दिवसीय मेले का आगाज 19 नवम्बर से होगा. इसके लिए गांव में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. हर साल चावल के बराबर बढ़ने वाली बजरंग बली की इस चमत्कारी मूर्ति की ख्याति बुन्देलखण्ड के अलावा पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के कई जनपदों में है जहां से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हनुमान जी की प्रतिमा पर माथा टेकने आते हैं.

मेले में लाखों श्रद्धालुओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की तैयारी शुरू कर दी है. हमीरपुर जिला मुख्यालय से करीब 24 किमी दूर सुमेरपुर क्षेत्र के कानपुर-सागर नेशनल हाईवे पर चन्दपुरवा गांव के पास ये स्थान बना है. ये पवित्र स्थान इटरा के नाम से विख्यात है.

यही हनुमान जी की चमत्कारी मूर्ति स्थापित है. कुछ दशक पूर्व इस स्थान पर भव्य मंदिर बना था. हमीरपुर, फतेहपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, जालौन व मध्य प्रदेश के कई जिलों से लाखों लोग इस पवित्र स्थान पर हर साल दर्शन करने आते हैं.
कार्तिक पूर्णिमा के बाद पहले मंगलवार को यहां विशाल मेले का आगाज होता है जो दो दिवसीय होता है.

गांव के समाजसेवी कमलेश कुमार ने बुधवार को बताया कि हनुमानजी की ये मूर्ति बड़ी ही चमत्कारी है, जिसके दर्शन मात्र से ही मन को शांति मिलती हैं. उन्होंने बताया कि हर साल चावल की तरह ये मूर्ति ऊपर बढ़ रही है. उन्होंने बताया कि दो दिवसीय मेला अबकी बार 19 नवम्बर को मंगलवार से शुरू होगा, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी. दो दिवसीय मेले को लेकर गांव में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं.

खेत में हल चलाते समय मिली थी मूर्ति
मंदिर के प्रमुख महंत बलराम दास ने बताया कि 75 साल पूर्व इटरा में गांव के दो किसान खेतों की जुताई हल से कर रहे थे. तभी हनुमान जी की छोटी सी पताली मूर्ति हल की कुसिया से टकरा गई. खुदाई कराने पर मूर्ति मिली पर मूर्ति का अंतिम हिस्सा नहीं मिला.

मूर्ति के लिए तीस फीट हुई थी खुदाई
इटरा के पुराने बुजुर्ग लोगों का कहना है कि मूर्ति को लेकर किसानों ने लोगों की मदद से खेत में तीस फीट तक गहराई में खुदाई कराई थी. पर मूर्ति का आखिरी हिस्सा नहीं मिला. तब लोग मूर्ति वहीं छोड़ घर चले गए थे. उसी रात स्वप्न में हनुमान जी को देख किसान कांप गए थे.

चबूतरे पर स्थापित कराई हुई थी मूर्ति
रामगोपाल नाम के किसान ने स्वप्न में हनुमान जी का आदेश पाते ही अगले दिन इटरा में खेत पर एक चबूतरा बनवाया और मूर्ति स्थापना करवा दी. बजरंग बली की मूर्ति की स्थापना होते ही आसपास के गांवों के लोग पूजा-अर्चना करने लगे. लगातार सुन्दरपाठ का आयोजन भी होने लगा.

कई दशकों से लगातार चल रहा अखंड पाठ
मंदिर के महंत बलराम दास का कहना है कि इटरा के बजरंग बली मंदिर प्रांगण में पिछले कई दशकों से लगातार अखंड पाठ चल रहा है. यहां हनुमान जी के नाम पर दीपक भी लगातार जलता है. उनका कहना है कि ये मूर्ति हर साल चावल की तरह ऊपर की ओर बढ़ती है.

मेले को लेकर सुरक्षा के तगड़े इंतजाम
अपर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मेले के लिए सुरक्षा के लिए मंदिर के अंदर और बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया जाएगा. उनका कहना है कि दो दिवसीय मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस बल आने जाने वालों पर पैनी नजर रखेगा.

हिन्दुस्थान समाचार/पंकज

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