जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला के बयान का विरोध

Protest against Farooq Abdullah
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लखनऊ, यूपी।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूख अब्दुल्ला अपने विवादित बयान को लेकर फिर से चर्चा में आ गए हैं. अनुच्छेद 370 को लेकर फारूख अब्दुल्ला के बयान की अब पूरे देश में आलोचना हो रही है. देश भर में फारूख अब्दुल्ला का विरोध हो रहा है.

हिंदू जागरण मंच ने भी फारूख अब्दुल्ला के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. हिंदू जागरण मंच के उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के संगठन मंत्री शिवकुमार ने कहा कि जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने चीन को बढ़ावा देते हुए देश की जनता को आहत करने वाला देशद्रोही बयान दिया है. फारुक अब्दुल्ला के बयान का असर लखनऊ तक है.

शिवकुमार ने कहा कि जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने एक न्यूज पोर्टल पर इंटरव्यू देते हुए कहा था कि कश्मीर के लोग खुद को भारतीय नहीं मानते और भारत में नहीं रहना चाहते, इसके बदले वह चीन का शासन चाहते हैं. फारुक अब्दुल्ला के इस बयान से देश की जनता आहत है. इससे जनभावनाओं को ठेस पहुंची हैं.

उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला की मंशा, जम्मू कश्मीर के लोगों को चीन की सत्ता में रखने की है. फारूक अब्दुल्ला का बार-बार चीन की सत्ता का गुणगान करना और जम्मू कश्मीर के लोगों पर चीनी सत्ता को थोपने का प्रयास करना गलत है. जम्मू कश्मीर के लोग खुद को भारतीय मानते हैं और वे कश्मीर में तिरंगा झंडा फहराना पसंद करते है.

उन्होंने कहा कि लखनऊ के भीतर लोगों में फारुक अब्दुल्ला के बयान का खासा असर है. इस बयान से आमजन में गुस्सा व्याप्त है. हिंदू जागरण मंच इस बयान का पूरी तरह से विरोध करती है और आम जनमानस के साथ खड़ी है. मंच की मांग है कि फारुक अब्दुल्ला के ऊपर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए.

हिन्दुस्थान समाचार/शरद