Hindi Diwas 2020: जानिए हिंदी कब बनी आधिकारिक भाषा, पढ़े इससे जुड़ा इतिहास

हिंदी दिवस
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp

नई दिल्ली. हर साल 14 सितंबर को हमारे देश में हिंदी दिवस मनाया जाता है. 14 सितंबर 1949 को हिंदी को देश की आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया गया था. आज के समय में देश ही नहीं दुनिया में लाखों लोग हिंदी बोलते हैं.

हिंदी दिवस पर हिंदी के प्रसारऔर प्रचार के लिए कई देश भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इस दिन स्कूल, कॉलेजों में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं. हिंदी केवल हमारी मातृभाषा ही नहीं बल्कि यह राष्ट्र की अस्मिता और गौरव का भी प्रतीक है. हिंदी जितनी मीठी है उतनी ही सरल भी. अंग्रेजी से इतर हिंदी में जैसा लिखा जाता है, इसका उच्चारण भी उसी प्रकार किया जाता है.

देश में कुल 22 अनुसूचित भाषाएं हैं, जिनमें से दो हिंदी और अंग्रेजी को आधिकारिक तौर पर संघ स्तर पर उपयोग किया जाता है. देश में 77 प्रतिशत लोग हिंदी बोलते हैं, जबकि लगभग 27 करोड़ लोग अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल करते हैं.

अधिकतर भारतीय हिंदी को बोलते और समझते हैं. उत्तर भारत के राज्यों राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश में हिंदी बोली और समझी जाती है.

आपको बता दें कि पहले ये दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा थी, जो अब ताजे आंकड़ों के अनुसार चौथे स्थान पर पहुंच गयी है. हालांकि, गूगल के इस जमाने में इसका विस्तार हो रहा है.

मॉरिशस, फिजी, सुरीनाम, त्रिनिदाद और टोबेगो में भी हिंदी भाषा बोली जाती है. हिंदी वैसी सात भाषाओं में से एक है जिसका उपयोग वेब एड्रेस बनाने में किया जा सकता है. हिंदी को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए 1975 से ‘विश्र्व हिंदी सम्मेलन’ का आयोजन शुरू किया गया.

कोरोना की मार के चलते हिन्दी दिवस के आयोजनों में भी खलल पड़ा है. वैसे हर बार हिन्दी दिवस के मौके पर स्कूल कॉलेजों में विशेष वाद विवाद प्रतियोगिताएं, निबंध प्रतियोगिता, कविता पाठ प्रतियोगिताएं होती हैं. सरकारी संस्थानों में हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए 01 सितम्बर से 15 सितम्बर तक हिन्दी पखवाड़ा भी मनाया जाता है.