कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए मंत्रियों का उच्च स्तरीय समूह गठित

dr harsh vardhan
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देश में कोरोना वायरस के तीसरे मामले की पुष्टि होने की खबर के बीच केन्द्रीय स्तर पर सोमवार को बैठकों का दौर जारी रहा. सुबह प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पीके मिश्रा ने कोराना वायरस की स्थिति व चीन से लाए गए लगभग 600 यात्रियों के सेहत व उनके लिए किए गए इंतजाम का जायजा लिया. 

इस उच्च स्तरीय बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रधानमंत्री के प्रमुख सलाहकार पी के सिंहा, केन्द्रीय सचिव राजीव गाबा, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत, और सभी संबंधित मंत्रालयों के सचिव मौजूद थे.

 इसके साथ कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए मंत्रियों का उच्च स्तरीय समूह का गठन किया गया है. इसमें केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी, जहाजरानी मंत्री मनसुख लाल मंडाविया, स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे शामिल हैं. 

इस समूह की पहली बैठक सोमवार को निर्माण भवन में हुई. इस बैठक में केरल में कोरोना वायरस के संक्रमण से ग्रस्ति तीन पुष्टि मरीजों की हालत व चीन से लौटे यात्रियों के लिए किए गए इंतजाम की समीक्षा की गई. इसके साथ मंत्रियों को जानकारी दी गई कि  चीन की यात्रा न करने के संबंध में रविवार को तीसरा परामर्श जारी किया गया है.

इसके साथ 15 जनवरी के बाद चीन से लौटे सभी यात्रियों को खून की जांच व अलग रहने की सलाह दी गई है. इसके साथ बैठक में चीन के वुहान शहर से लाए गए 645 छात्रों के लिए मानेसर और छावला में विशेष कैंप स्थापित किया गया है. इन सभी की जांच की जा रही है और इन्हें निगरानी में रखा गया है. इसके अलावा अबतक कुल 593 फ्लाट्स के 72353 यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा चुकी है. 

देश के 21 हवाई अड्डों, बंदरगाहों और नेपाल से सटे राज्यों में यात्रियों की जांच के लिए विशेष इंतजाम किए गए है. इसके अलावा चीन और हॉंगकांग सहित सिंगापुर और थाईलैंड से आने वाले यात्रियों की भी जांच की जा रही है. अब तक कुल 338 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं जिसमें 335 सैंपल नेगेटिव पाए गए हैं जिसमें से तीन पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि 70 मामलों की जांच की जा रही है. 

मानेसर में मिले कोरोना वायरस के 5 संदिग्ध मरीज

चीन के वुहान शहर में फंसे लाए गए छात्रों में से मानेसर कैंप में शिफ्ट किए पांच छात्रों में कोरोना वायरस के लक्षण मिले हैं. इन सभी छात्रों को इलाज के लिए दिल्ली कैंट अस्पताल शिफ्ट किया गया है. सभी के खून की जांच की जा रही है. पांचों के सैंपल जांच के लिए एम्स भेजे गए हैं. इनमें से एक छात्र के खून के सैंपल नेगेटिव है. बाकी छात्रों के नतीजे अभी नहीं आए हैं. सभी को निगरानी में रखा गया है. 

वहीं ITBP के छावला स्थित कैंप में वुहान से लौटे 406 यात्रियों के सैंपल लिए गए जिसमें से सभी के नतीजे नेगेटिव मिले हैं. लेकिन सभी यात्रियों को विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है. इंडो-तिब्बतन बॉर्डर फोर्स (ITBP) के मुताबिक आपात परिस्थिति के मद्देनजर 4 आईसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं. 

हिन्दुस्थान समाचार/विजयलक्ष्मी