टनल से गुजरेंगे Hemkund Sahib जाने वाले श्रद्धालु

सिखों के प्रसिद्ध तीर्थ हेमकुंड साहिब जाने के लिए इस बार बर्फ को काटकर 200 मीटर लंबी टनल बनाई जाएगी. सेना के जवान इस बर्फ को हटाकर यह टनल बनाएंगे. हालांकि हेमकुंड साहिब में अभी भी दस फीट तक बर्फ जमी हुई है.

इस बार हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को तीन मीटर तक बर्फ की टनल से गुजरना पड़ेगा. 1 जून को कपाट खुलने तक आस्था पथ से पूरी बर्फ को हटाया जाना आसान नहीं है.

अटलाकोटी से हेमकुंड तक का तीन किलोमीटर का रास्ता बर्फ से ढका है. गुरुद्वारा परिसर के आसपास 10 फीट बर्फ जमी है, इसलिए सभी यात्रियों को गुरुद्वारा परिसर तक जाने के लिए 200 मीटर लंबी टनल से गुजरना पड़ेगा. हालांकि बर्फ पिघलने पर सामान्य दिनों की तरह यात्री गुरुद्वारे तक जा सकेंगे.

यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले गुरुद्वारों में यात्रा की तैयारियां पूरे जोरशोर से चल रही हैं. हेमकुंड साहिब आस्था पथ अभी भी तीन किलोमीटर तक बर्फ में ढका हुआ है. यहां सेना के जवानों द्वारा बर्फ हटाने का काम किया जा रहा है.

1 जून से हेमकुंड साहिब के कपाट खुलेंगे. इसको लेकर जहां श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने तैयारियां शुरू कर दी है. हेमकुंड साहिब में अभी दस फीट से अधिक बर्फ जमी हुई है. हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा और लक्ष्मण मंदिर बर्फ से ढके हुए हैं. घाटी में बार-बार हो रही बारिश और बर्फबारी के चलते मार्ग से बर्फ हटाने का काम बाधित हो रहा है. घांघरिया गुरुद्वारे में यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है.

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