इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट का लोगो
  • 16 से 31 मई के दौरान सभी आकलन अफसर आयकर अपील से जुड़े मामलों को शीर्ष प्राथमिकता देंगे
  • टीडीएस का मिलान नहीं होने को लेकर जारी कर मांग पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए.

नई दिल्ली. टैक्स रिफंड से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट 16 से 31 मई, 2019 के बीच विशेष अभियान चलाने जा रहा है. IT DepartmentIT DepartmentIT Department ने सोमवार को कहा वह आयकर अपील वाले मामलों के जल्द निपटारे और टैक्‍सपेयर्स की पिछली टैक्‍स मांग को उनके लंबित रिफंड के साथ समायोजित किए जाने से जुड़ी चिंताओं पर 16 मई से  शुरू होने वाले पखवाड़े के दौरान ध्यान देंगे और उनका निदान करेंगे.

इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट का लोगो

16 से 31 मई के दौरान आयकर मामलों को प्राथमिकता

केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों को भेजे पत्र में कहा है कि 16 से 31 मई के दौरान सभी आकलन अफसर आयकर अपील से जुड़े मामलों को शीर्ष प्राथमिकता देंगे. भोजनावकाश से पहले का समय आवेदकों, उनके अधिवक्ताओं से मिलने और उनके मामलों को सुनने में लगाएंगे.

इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट का लोगो

टीडीएस को लेकर टैक्‍सपेयर्स में भारी असंतोष

इस मामले में सीबीडीटी ने आगे कहा है कि टीडीएस का मिलान नहीं होने को लेकर जारी कर मांग पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए. आयकर कानून की धारा-245 के तहत जारी टैक्‍स मांग, जिसको लेकर टैक्‍सपेयर्स सहमत नहीं है, उन्हें सुलझाने पर भी गौर किया जाएगा. इन मामलों की वजह से टैक्‍सपेयर्स में भारी असंतोष है.

रिफंड को टैक्‍स डिमांड में किया जाए समायोजित  

सीबीडीटी ने कहा है कि आयकर कानून की धारा 245 के तहत कर प्रशासन करदाता को दिए जाने वाले रिफंड को उसकी पहले की कर मांग के लिए समायोजित कर सकता है. बोर्ड ने फैसला किया है कि मई 2019 के दूसरे पखवाड़े 16 से 31 के दौरान करदाताओं के अपील मामलों और दावों के निपटान को जल्द से जल्द निपटाने पर होगा.

सीबीडीटी समय-समय पर करती है ये आयोजन

फाइनेंशियल एक्‍सपर्ट सतीश पाण्‍डेय ने कहा कि सीबीडीटी की इस पहल से अगले एक माह के दौरान बड़ी मात्रा में लंबित रिफंड का पेंमेंट जारी हो सकता है. साथ ही उन्‍होंने कहा कि सीबीडीटी ने पिछले साल मई में भी इसी तरह के पखवाड़े का आयोजन किया था. इसके अलावा समय-समय पर इस तरह के पखवाड़े का आयोजन किया जाता है, ताकि टैक्‍सपेयर्स की किसी भी समस्‍या का हल आसानी से निकाला जा सके.

सीबीडीटी ने टैक्‍स विवाद के लिए समय बढ़ाया

बता दें कि सीबीडीटी ने टैक्‍स विवादों में कमी लाने के लिए इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट के तहत मामलों को निपटाने की जो अधिकार सीमा है उसको बढ़ा दिया था. इसके तहत आयकर अपीलीय न्यायधिकरणों में अपील दायर करने वाले मामलों की सीमा को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दिया.

इसी प्रकार हाईकोर्ट में उन मामलों को ले जाया जाएगा जहां विवाद में फंसी टैक्‍स की राशि 50 लाख रुपए होगी. पहले ये सीमा 20 लाख रुपए थी। इसी प्रकार उच्चतम न्यायालय में उन्हीं मामलों को चुनौती दी जा सकेगी जहां विवादित टैक्‍स  की राशि एक करोड़ रुपए से कम नहीं होगी.

Trending Tags- Income Tax Department | High Court | Income Tax Refund | IT Department