हाथरस कांडः राहुल-प्रियंका के बाद टीएमसी नेताओं ने की पीड़ित परिजनों से मिलने की कोशिश

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हाथरस कांड पर राजनीति और हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है. विपक्ष इस मुद्दे को छोड़ना नहीं चाहता है. और योगी सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बाद अब ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के सांसदों ने भी हाथरस जाने का प्रयास किया. हालांकि पुलिस ने पूरे गांव को सील कर दिया है.

यूपी पुलिस की ओर से गांव के आसपास धारा 144 लागू कर दी है. इसके अलावा पूरे गांव में बैरीकेटिंग लगाकर घेर दिया गया है. गांव वालों के अलावा किसी को भी गांव के अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बाद अब टीएमसी नेताओं ने गांव में जाकर पीड़ित परिवार से मिलने की कोशिश की. लेकिन उन्हें भी पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया.

इस दौरान पुलिस और टीएमसी सांसदों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. इस धक्का-मुक्की में टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन को हल्की चोट भी आई है. इस घटना के बाद टीएमसी नेता ममता ठाकुर ने कहा कि हम पीड़िता के परिवार से मिलने जा रहे थे, लेकिन हमें अनुमति नहीं दी गई. ठाकुर ने यूपी पुलिस पर अभद्रता करने और नियमों का पालन नहीं करने का भी आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि कुछ महिला पुलिसकर्मियों ने हमारे कपड़ों को खींचा और हमारी सांसद प्रतिमा मंडल पर लाठीचार्ज किया गया. जिससे वे नीचे गिर गईं. उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में पुरुष पुलिस अधिकारी भी शामिल थे. उन्होंने भी हमारे साथ बदतमीजी की. यह शर्मनाक है.

इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी पीड़िता के परिजनों से मुलाकात करने की कोशिश की थी. लेकिन पुलिस ने ऐसा होने नहीं दिया था. पुलिसकर्मियों ने राहुल गांधी को रोकने के लिए उनका कॉलर तक पकड़ लिया था. पुलिस और कांग्रेसियों में हुई धक्का-मुक्की में राहुल गांधी गिर गए थे.

पुलिस की ओर से गांव में किसी को भी एंट्री नहीं दी जा रही है. नेता ही नहीं पुलिस ने मीडिया को भी बैन कर दिया है. जानकारी के मुताबिक हाथरस के डीएम प्रवीण कुमार ने पीड़िता के पिता को धमकी दी है. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. पुलिस के इस तरह के व्यवहार से लग रहा है कि पुलिस सच को छिपाने की कोशिश कर रही है.