हरियाणा के लिए मिसाल बनीं ये तीन बहनें

अपने कम लिंगानुपात के लिए आलोचना के घेरे में रहने वाले हरियाणा में हो रहे बदलाव के चलते महिलाओं की स्थिति सुधर रही है. इसी के चलते महिला सशक्‍तीकरण की मिसाल बनी हैं हरियाणा की ये तीन बहनें.

दरअसल 1983 हरियाणा काडर की आईएएस अधिकारी केशनी आनंद जैसे ही मुख्य सचिव बनी उन्होंने इतिहास रच दिया. ऐसा पहली बार हुआ जब एक ही परिवार की तीन बहनें मुख्य सचिव पद पर नियुक्त हुई हैं.

मीनाक्षी आनंद चौधरी, उर्वशी गुलाटी, केशनी आनंद अरोड़ा ये तीनों बहनें हरियाणा की मुख्य सचिव रह चुकी हैं. उनके पिता की इच्‍छा थी कि तीनों बहनें हरियाणा की मुख्‍य सचिव बनें, ये सपना उन्‍होंने साकार भी किया पर उनकी ये तरक्की देखने के लिए उनके पिता नहीं थे.

33वीं मुख्य सचिव बनी केशनी आनंद प्रदेश की पांचवीं ऐसी महिला हैं जो इस पद पर बैठेंगी. वहीं केशनी आनंद अरोड़ा की बड़ी बहन मीनाक्षी आनंद चौधरी 1969 बैच की आईएस रहीं और प्रदेश की पहली महिला मुख्य सचिव रहीं. वो बाद में मुख्य सूचना आयुक्त भी रहीं. वहीं उर्वशी गुलाटी 1975 बैच की आईएएस रहीं और तीसरी महिला मुख्य सचिव रहीं.

इतना ही नहीं मीनाक्षी आनंद चौधरी के बेटे मनीष चौधरी और केशनी आनंद की बेटी श्रुति आइपीएस अधिकारी हैं.

केशनी ने बताया कि उनके पिता पंजाब विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर थे और मां गृहिणी थी. दोनों ने ही अपनी बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनने के लिए काफी प्रोत्साहित किया. आज तीनों महिलाएं राज्य के लिए एक मिसाल बन गई है.

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