गांधी-नेहरू परिवार की संपत्तियों की जांच करेगी हरियाणा की बीजेपी सरकार

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नई दिल्ली. हरियाणा सरकार (Haryana Government) ने गांधी-नेहरू परिवार की संपत्तियों पर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने गांधी-नेहरू परिवार की संपत्तियों की जांच के आदेश दिए हैं. प्रदेश के मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय विभाग को संपत्तियों की जांच करने का आदेश दिया है.

हरियाणा के मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा (Keshini Anand Arora) के दफ्तर ने इस बारे में चिट्ठी जारी की है. जिसके बाद नेहरू गांधी परिवार की मुश्किलें बढ़ सकती है. नेहरू गांधी परिवार के हक में कथित तौर पर अधिकतर सौदे 2005 से 2010 के बीच हुए थे. तब हरियाणा में कांग्रेस के भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार हुआ करती थी.

आरोप है कि इस दौरान कांग्रेस (Congress) के कई ट्रस्ट और गांधी-नेहरू परिवार के लिए कई संपत्तियां हासिल की गई थीं. कुछ संपत्तियों की पहले से ही जांच चल रही है.

ये कमेटी राजीव गांधी फाउंडेशन, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट और इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट की जांच करेगी, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी चंदा सहित कई कानूनों के कथित उल्लंघन के मामलों की जांच की जाएगी. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, टीम का नेतृत्व प्रवर्तन निदेशालय के एक विशेष निदेशक करेंगे.

इसी महीने की शुरुआत में गृह मंत्रालय ने राजीव गांधी फ़ाउंडेशन (आरजीएफ़) और गांधी परिवार से जुड़े दो अन्य ट्रस्ट को हुई फ़ंडिंग की जांच में सहायता के लिए एक कमेटी बनाई थी.

केंद्र सरकार ने कहा था कि ये कमेटी आरजीएफ़ के अलावा राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट और इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा भी प्रीवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), इनकम टैक्स एक्ट और फॉरेन कांट्रीब्यूशन रेग्युलेशन एक्ट (एफ़सीआरए) के कथित रूप से कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन के आरोपों की जांच करेगी.