अंग्रेजों के जमाने की हमीरपुर जेल में क्षमता से दोगुने कैदी

हमीरपुर
उत्तर प्रदेश के वीरभूमि हमीरपुर की जेल क्षमता से दोगुना बंदियों को रखे जाने से जेल इन दिनों फुल हो गई हैै. जेल में सजायाफ्ता करीब सवा दो सौ कैदी निरुद्ध हैं, वहीं 18 महिलाएं भी जेल की हवा खा रही हैं.

हमीरपुर जिला मुख्यालय में रानी लक्ष्मीबाई तिराहे के निकट जिला कारागार स्थित है. अंग्रेजों के जमाने की यह जेल वर्ष 1815 में बनी थी. 200 साल पुरानी जेल भी इन दिनों बदहाल है. बताया जाता है कि इस जेल में 15 बैरक है. इनमें एक महिला बैरक शामिल है. महिला बैरक में ही इस समय 18 महिलाएं अपने जुर्म की सजा काट रही हैं.

अंग्रेजों के जमाने की इस जेल में 400 बंदियों को रखने की ही क्षमता है लेकिन मौजूदा वक्त में यहां की बैरकों में 750 बंदी निरुद्ध हैं. जेलर पीके त्रिपाठी ने मंगलवार को बताया कि जेल में चार सौ बंदियों को रखने की क्षमता है मगर वर्तमान में साढ़े सात सौ बंदी जेल में निरुद्ध हैं, इनमें अठारह महिला बंदी भी हैं.

उन्होंने बताया कि सजायाफ्ता सवा दो सौ कैदी भी जेल में निरुद्ध हैं. उन्होंने बताया कि शराब कारोबारी रघुवीर सिंह, नसीम, श्याम सिंह, प्रदीप सिंह, उत्तम सिंह, साहब सिंह व रुक्कू सामूहिक हत्याकांड में उम्रकैद की सजा के बाद यहां जेल में निरुद्ध हैं. एक हफ्ते पहले इस कांड में बंद पूर्व विधायक अशोक सिंह चंदेल एवं आशुतोष सिंह उर्फ डब्बू सिंह को यहां से क्रमश: आगरा एवं फतेहगढ़ जेल शिफ्ट किया जा चुका है.

एक साल से अधीक्षक की नहीं हुई तैनाती

हमीरपुर कारागार के जेलर पीके त्रिपाठी ने बताया कि जेल अधीक्षक का पद 16 जून,2018 से रिक्त है. जेल में दस महिला सिपाही के पद सृजित हैं, जिसमें सिर्फ एक महिला सिपाही तैनात है. डिप्टी जेलर के चार पद सृजित हैं लेकिन दो पद अब भी खाली हैं. जेल में 42 पुरुष सिपाहियों में सिर्फ 17 सिपाही तैनात है. इनमें एक सिपाही मुख्यालय में अटैच है.

जेलर ने बताया कि यहां 67 फीसद पद खाली पड़े हैं. उन्होंने बताया कि पिछले साल जेल अधीक्षक हरि बख्श सिंह का स्थानांतरण होने के बाद अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव जेल का अतिरिक्त प्रभार देख रहे हैं.

हिन्दुस्थान समाचार/पंकज

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