वर्दी का फर्ज निभाने वाली महिला कांस्टेबल ने दिया इस्तीफा, बीजेपी मंत्री के बेटे की निकाली थी हेकड़ी

गुजरात के स्वास्थ्य राज्य मंत्री कुमार कनानी के बेटे और महिला कांस्टेबल सुनीता यादव के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है. इस विवाद के बाद सूरत पुलिस अधीक्षक ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

दरअसल, शुक्रवार रात करीब 10 बजे सूरत के वारक्षा कर्फ्यू के दौरान राज्यमंत्री कुमार कानाणी के समर्थक बिना मास्क पहने घूम रहे थे. उस समय ड्यूटी पर तैनात महिला सिपाही सुनीता यादव ने समर्थकों को रोका जिसके बाद प्रकाश कनाणी अपने समर्थकों को छुड़ाने वहां जा पहुंचे, लेकिन महिला सिपाही ने उनकी एक नहीं सुनी और पिता से बात कराने के लिए कहा. इस दौरान मंत्री के बेटे ने कांस्टेबल को धमकी दे डाली.

प्रकाश और उसके साथी यहीं नहीं रुके. उन्होंने महिलाकर्मी को इस कदर धमकाया और दुर्व्‍यवहार किया कि तंग आकर महिला पुलिसकर्मी ने इस्तीफा दे दिया. दूसरी ओर इस पूरे मामले पर विधायक का आरोप है कि संगीता यादव ने उनके बेटे के साथ बदतमीजी की. मंत्री का कहना है कि उनका बेटा कोरोना वायरस का इलाज करा रहे अपने ससुर को देखने सिविल अस्पताल जा रहा था क्योंकि उनकी हालत नाजुक थी, उसी बीच कांस्टेबल ने उसे रोका था. 

मामले के एक दिन बाद प्रकाश कनानी और उसके दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया गया. तीनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269, 270 और 144 के तहत मामला दर्ज किया गया पर बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया.

बता दें कि सुनीता ने पुलिस निरीक्षक बीएन सगर को भी इसकी जानकारी दी तो उन्होंने कहा कि उसका काम वहां डायमंड व टेक्‍सटाइल फैक्‍ट्री नहीं चलने देने की है. पॉइंट पर किसी को रोकने की नहीं है.

वहीं इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ. ऑडियो क्लिप में उसे कॉन्स्टेबल से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि हम चाहें तो तुम्हें 365 दिन इसी जगह खड़ा रखवा सकते हैं. इस पर कांस्टेबल चिल्लाकर कहती है वो उसके पिता की गुलाम या नौकर नहीं है, जो उसे 365 दिन यहां खड़ा रखवा सकें.

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