BILKIS BANO को दिए जाएं 50 लाख रुपये- SUPREME COURT

नई दिल्ली. गुजरात सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता बिलकिस बानो को 50 लाख रुपये देने का आदेश दिया है. ये रकम उन्हें मुआवजे के तौर पर दी जाएगी.

अदालत ने सरकार को नियमों के अनुसार बानो को एक सरकारी नौकरी और आवास मुहैया करवाने का भी आदेश दिया है. बानो के साथ 2002 के दंगों के दौरान सामूहिक दुष्कर्म हुआ था.

21 जनवरी 2008 को 11 लोग दोषी- 21 जनवरी 2008 को यूडी साल्वी की विशेष अदालत ने बिलकीस के साथ सामूहिक बलात्कार करने और उसके परिवार के सात सदस्यों की हत्या करने के मामले में 11 लोगों को दोषी ठहराया था.

फैसला सुनाते वक्त चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने गुजरात सरकार की स्थायी वकील हेमंतिका वाही से कहा कि आप खुद को भाग्यशाली मानें कि हम आपकी सरकार के खिलाफ कोई फैसला नहीं ले रहे हैं.

19 अप्रैल 2004 को हुई थी चार्जशीट दाखिल- इस मामले की शुरुआती जांच अहमदाबाद में शुरू हुई. सीबीआई ने 19 अप्रैल 2004 को अपनी चार्जशीट दाखिल की. इसके बाद बिलकिस ने ये आशंका जाहिर की थी कि गवाहों को नुकसान पहुंचाया जा सकता है.

केस मुंबई किया था ट्रांसफर- सुप्रीम कोर्ट ने बिलकीस बानो की मांग पर 6 अगस्त, 2004 में मामले को मुंबई ट्रांसफर कर दिया. यूडी साल्वी की विशेष अदालत ने 21 जनवरी 2008 को दिए अपने फैसले में बिलकीस के साथ सामूहिक बलात्कार करने और उसके परिवार के सात सदस्यों की हत्या करने के मामले में 11 लोगों को दोषी ठहराया था.

इन 11 दोषियों ने अपनी सजा के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील की थी. लेकिन 4 मई को सुनाए गए अपने फैसले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने इनकी सजा बरकरार रखी.