Lokpal
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केन्द्र सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की पूरी तैयारी कर ली है. भ्रष्टाचार विरोधी (Anti corruption) लोकपाल में शिकायत दर्ज कराने के लिए केन्द्र सरकार जल्द ही प्रारूप भी लेकर आएगी. यह जानकारी गुरुवार को कार्मिक मंत्रालय (Ministry of Personnel) के अधिकारियों ने दी.

अधिकारियों ने बताया कि नियमों के मुताबिक केन्द्र सरकार से सत्यापित फार्म का इस्तेमाल ही ऐसी शिकायतों के लिए किया जाएगा. कार्मिक मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक जनता के लिए यह फार्म जल्द उपलब्ध होगें. हालांकि शिकायत के लिए आवश्यक फॉर्म्स अभी तक सत्यापित नहीं किए गए हैं. 

वहीं, लोकपाल ने तय किया है कि 16 अप्रैल तक कार्यालय को जितनी भी शिकायतें मिली हैं, उन सभी की जांच कर ली गई है. उसके बाद प्राप्त शिकायतों की जांच की जा रही है. 

गुरुवार को लोकपाल के पहले अध्यक्ष न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष ने संस्था के सभी आठ सदस्यों की मौजूदगी में लोकपाल वेबसाइट का उद्धघाटन किया. 

इस वेबसाइट का निर्माण राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने किया है. इसमें लोकपाल के संचालन और कार्यपद्धति संबधी आधारभूत जानकारी प्रदान की गई है, जो http://lokpal.gov.in पर देखी जा सकती है.

लोकपाल स्वतंत्र भारत में अपनी प्रकार का पहला संस्थान था, जिसकी स्थापना लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम 2013 के अंतर्गत की गई है. यह इस अधिनियम के कार्यक्षेत्र और सीमा में आने वाले लोक सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच और विवेचना करेगा.

केन्द्र सरकार ने जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष को लोकपाल का पहला अध्यक्ष नियुक्त किया था, जिन्हें 23 मार्च 2019 को राष्ट्रपति ने पद की शपथ दिलाई. इसके साथ ही चार न्यायिक और गैर-न्यायिक सदस्यों की नियुक्ति भी की. लोकपाल का अभी अस्थायी कार्यालय नई दिल्ली स्थित होटल अशोक में बनाया गया है.

हिन्दुस्थान समाचार/वीरेन