शादी से पहले करना होगा ये काम, वरना……………
  • थैलेसीमिया बच्चों को माता-पिता से अनुवांशिक तौर पर मिलने वाला रक्त संबंधी रोग
  • महिलाओं एवं पुरुषों के शरीर में मौजूद क्रोमोज़ोम खराब होने से माइनर थैलेसीमिया हो सकता है

नई दिल्ली.अभी तक आप शादी से पहले लड़का और लड़की की जन्म कुंडली मिलवाते होंगे. लेकिन अब सरकार एक बड़ा फैसला लेने के बारे में सोच रही है. दरअसल सरकार एक ऐसा नियम लाने के बारे में सोच रही है जिस के चलते आपको शादी से पहले खून की जांच जरूर करानी होगी.

सरकार ये कदम थैलेसीमिया और सिकल सेल जैसी खून की बीमारियों को रोकने के लिए उठाने जा रही है. ताकि ऐसी बिमारियों को फैलने से रोका जा सके.

सरकार ने तैयार किया ड्राफ्ट-

इसके लिए सरकार ने एक ड्राफ्ट वोट भी तैयार कर लिया है.इस नए नियम के आने के बाद सरकार शादी से पहले हर व्यक्ति की थैलेसीमिया संबंधी जांच कराएगी.

इसलिए सरकार ने उठाया ये कदम-

सरकार ने शादी से पहले ही इस जांच को कराने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि इस बीमारी से पीड़ित माता-पिता के बच्चे भी इसकी चपेट में आ जाते हैं.ऐसी बीमारी से आने वाली पीढ़ी का ग्रस्त होना बेहद ही खतरनाक है.

शादी से पहले होगी जांच

इसलिए सरकार शादी से पहले जोड़ों की थैलेसीमिया जांच, स्कूलों में सभी बच्चों की जांच, गर्भवती महिलाओं और थैलेसीमिया से प्रभावित बच्चे के रिश्तेदारों की जांच कराने पर नई पॉलिसी लाने जा रही है.
तो आईए जानते हैं कि आखिर क्या है थैलेसीमिया जिससे सरकार इतनी डरी हुई है.

ये होता है थैलेसीमिया-

थैलेसीमिया बच्चों को माता-पिता से अनुवांशिक तौर पर मिलने वाला रक्त संबंधी रोग है. इस रोग में शरीर की हीमोग्लोबिन निर्माण प्रक्रिया में गड़बड़ी हो जाती है, जिसके कारण रक्तक्षीणता के लक्षण प्रकट होते हैं. इसकी पहचान तीन माह की आयु के बाद ही होती है. बच्चे के शरीर में रक्त की भारी कमी होने लगती है जिसके कारण उसे बार-बार बाहरी खून चढ़ाने की आवश्यकता होती है.

ऐसे होता है थैलेसीमिया

महिलाओं एवं पुरुषों के शरीर में मौजूद क्रोमोज़ोम खराब होने से माइनर थैलेसीमिया हो सकता है. यदि दोनों क्रोमोजोमम खराब हो जाए तो यह मेजर थैलेसीमिया भी बन सकता है. महिला व पुरुष में क्रोमोज़ोम में खराबी होने की वजह से उनके बच्चे के जन्म के छह महीने बाद शरीर में खून बनना बंद हो जाता है और उसे बार-बार खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है.

हीमोग्लोबीन दो तरह के प्रोटीन से बनता है अल्फा ग्लोबीन और बीटा ग्लोबीन.थैलासीमिया इन दोनों प्रोटीन में ग्लोबीन निर्माण की प्रक्रिया में खराबी होने से होता है.जिसके कारण लाल रक्त कोशिकाएं तेजी से नष्ट होती हैं.रक्त की भारी कमी होने के कारण रोगी के शरीर में बार-बार रक्त चढ़ाना पड़ता है.

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