सरकार साल 2024 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध

नई दिल्ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार 2024 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के मार्ग पर अग्रसर है तथा एक लाख करोड़ रुपये के कृषि आधारभूत ढांचा कोष की स्थापना सहित हाल के कृषि सुधार, इस दिशा में उठाये गये कदम है. सरकार के प्रयासों का असर कृषि क्षेत्र में दिखना भी शुरू हो गया है.

किसानों को सस्ती दर पर कृषि ऋण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के द्वारा किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है. यह योजना किसानों के लिए संजीवनी साबित हुई है.

कृषि मंत्रालय के तहत आने वाले राष्ट्रीय वर्षा सिंचित क्षेत्र प्राधिकारण के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) अशोक दलवई का कहना है कि किसानों को बाधा मुक्त व्यापारिक मंच प्रदान करने के लिए तीन अध्यादेशों सहित, हाल के सुधारों का मकसद, फसल उत्पादन के बाद की चुनौतियों से निपटने और किसानों को बेहतर लाभ सुनिश्चित करना है.

दलवई, किसानों की आय दोगुनी करने के संबंध में बनी समिति (डीएफआई) के अध्यक्ष भी हैं और उन्होंने यह बात, भारतीय दलहन और अनाज संघ (आईपीजीए) द्वारा आयोजित एक वेबिनार में कही.

मगर सवाल यह है कि क्या वर्ष 2024 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को सरकार हासिल कर लेगी, इस सवाल के जवाब में अशोक दलवाई ने कहा, हम 100 प्रतिशत स्पष्ट हैं कि हम सही दिशा में और सही रास्ते पर हैं.निश्चित रूप से, आपको किसानों की आय में वृद्धि दिखाई देगी तथा अधिक मजबूत कृषि विकास भी आप देखेंगे.

कोरोनावायरस महामारी के संकट के बीच कृषि सुधारों की घोषणा के बारे में, दलवई ने कहा कि इस संबंध में लाये गये तीन अध्यादेश कृषि क्षेत्र के उदारीकरण की दिशा में सरकार के द्वारा निरंतर किये जा रहे प्रयासों का हिस्सा हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘कृषि क्षेत्र के उदारीकरण का पहली शुरुआत वर्ष 2003 में की गयी थी. दुर्भाग्य से, 17 वर्षों के बावजूद, सुधारों की गति अपेक्षित नहीं रही है. पिछले चार वर्षों में, सरकार ने सुधारों को मजबूती और गति देने की कोशिश की है.

मोदी सरकार द्वारा अप्रैल 2016 में गठित दलवई समिति ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कई उपायों की सिफारिश की थी. हालांकि, सरकार ने इस साल की शुरुआत में ‘ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया’ नामक पुस्तिका में इस समय सीमा को वर्ष 2024 तक के लिए आगे बढ़ा दिया है.

इसी दिशा में भारत सरकार द्वारा हाल ही में आवश्यक वस्तु अधिनियम में भी संशोधन किया गया है. देश मे यह अधिनियम पुराने नियमों के साथ 65 वर्षों से चलता आ रहा था. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार अध्यादेश प्रकाशित हो गया है और बहुत जल्द विधेयक भी आ जाएगा.

भारत सरकार द्वारा किए गए यह सारे प्रयास अवश्य ही कृषि क्षेत्र को सुधारने की दिशा में उठाए गए बड़े कदम साबित होंगे. नरेंद्र मोदी सरकार किसानों की आय को वर्ष 2024 तक दोगुना करने के लिए लगातार प्रयासरत है.

सरकार द्वारा किए गए यह बदलाव कृषि क्षेत्र के लिए क्रांतिकारी साबित होंगे. कृषि के क्षेत्र में जितना अधिक पूंजी निवेश होगा देश की दशा और दिशा दोनों में सुधार होगा. आज भी कृषि और इससे जुड़े व्यवसाय देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है.

हिंदुस्थान समाचार/कर्मवीर सिंह तोमर

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