Ghost Stories रिव्यू : डराने से ज्यादा रुलाती है ये सीरीज

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  • इस वेब सीरीज 4 स्टोरीज है और डिफेरेंट लीड एक्टर्स है, जो कि है जान्हवी कपूर, सुरेखा सीकरी, शोभिता धूलिपाला, मृणाल ठाकुर और अविनाश तिवारी


साल 2020 की पहली ही नाइट नेटफिल्किस के लवर्स के लिए हुई हॉरर, क्योंकि न्यू ईयर ईव पर नेटफिल्किस पर प्रोड्यूसर रॉनी स्क्रूवाला की वेब सीरीज घोस्ट स्टोरीज स्ट्रीम हुई, जिसे डायरेक्ट किया है चार मंजझे हुए डायरेक्टर्स ने जोया अख्तर, अनुराग कश्यप दिबाकर बनर्जी और करण जौहर ने.

तो देर किस बात की चलिए बताते है कैसी है घोस्ट स्टोरीज

स्टारकास्ट

सबसे पहले बात स्टारकास्ट की करते हैं. इस वेब सीरीज 4 स्टोरीज है और डिफेरेंट लीड एक्टर्स है, जो कि है जान्हवी कपूर, सुरेखा सीकरी, शोभिता धूलिपाला, मृणाल ठाकुर और अविनाश तिवारी

स्टोरी

 सीरीज की पहली कहानी है नर्स और ओल्ड एज पेसेंट की, जिसे जान्हवी कपूर और सुरेखा सीकरी ने प्ले किया है. जान्हवी सिर पर मंडराते कोऔं के बीच अपने बॉयफ्रेंड से फोन पर बात करती दिखती हैं और उसके बाद पहुंच जाती हैं एक बुजुर्ग बीमार महिला की देखभाल करने जो घर में अकेले रहती है.

बुढ़िया को नींद की गोली खिलाकर ये नर्स अपने शादीशुदा बॉयफ्रेंड के साथ इंटीमेट होना चाहती है लेकिन, जिस महिला को वह अभी अभी नींद की गोली खिलाकर आई है, वह सोई नहीं हैं. जान्हवी और सुरेखा सीकरी के बीच का स्क्रीनप्ले काफी ज्यादा डरावना और इंटरस्टिंग है.

 इस पार्ट को जोया अख्तर ने डायरेक्ट किया है इसलिए कैरेक्टर्स की एज और नेचर के अकॉर्डिंग मैच्यूरिटी सेनस और डर साफ नजर आता है.

सीरीज डार्क है, लेकिन क्योंकि 2020 में आडियंस के सेन्सज इतने स्ट्रान्ग हो चुके है कि ये घटनाएं दिल की धड़कने हल्की तेज तो कर देती है पर वो डर महसूस नहीं कराती है जो किसी जमाने में फिर कोई है, हॉटेंड जैसे शोज को देखकर फील होता था.

 दूसरा कहानी अनुराग कश्यप की है. इस कहानी में अनहोनी के सिंबल्स को दिखाता कौआ है. जिसकी कां कां की आवाज अगले ही पल कुछ बुरा होने की और इशारा करती है. कहानी एक प्रेगेंट लेडी की है जो मेंटली डिसटर्ब है.

बच्चे के लिए उसका पागलपन इस हद तक तक है कि पूरा गुड़ियों से भरा है जिन्हें वो हाथ से खाना खिलाती है. घर को और बढ़ाने के लिए कहानी में एक बच्चा भी है लेकिन अनुराग कश्यप की ये घोस्ट स्टोरी डराने में नाकामायब है.

तीसरी कहानी में दिबाकर बनर्जी जॉम्बी सिनेमा के जरिए डराने की कोशिश करते हैं. एक गांव में दो बच्चे हैं जो आदमखोर बन चुके अपने पिताओं से बचने की कोशिश में हैं. नई नौकरी के लिए यहां एक आदमी पहुंचता है जो इन सब में फंस जाता है. अनुराग कश्यप की घोस्ट स्टोरी देखने के बाद दिबाकर बनर्जी की ये स्टोरी और भी बेकार लगने लगती है.

घोस्ट स्टोरी के आखिरी पार्ट को करण जौहर ने डायरेक्ट किया है. लीड रोल में मृणाल ठाकुर है. ये घोस्ट स्टोरी ही सही, लेकिन करण जौहर की फिल्मों का टेस्ट भी साफ नजर आ ही जाता है.

रॉयल फैमिली और रॉयल फैमिली में शादी होकर आई एक महिला, जिसे अपनी फर्स्ट नाइट में पता चलता है है कि जिसे उसने शादी की वो अपनी मरी हुई दादा से बात करता है और वो ही नहीं उसके नौकर तक मरी हुई औरत को देख सकते हैं बातें कर सकते हैं.

रिव्यू

 इस सीरीज को उन चार डायरेक्टर्स ने डायरेक्ट किया है जो इसे पहले टीमअप हुए थे सीरीज लस्ट स्टोरीज के लिए, जो इंटरनेशनली भी हिट सीरीज थी.

लेकिन जहां लस्ट स्टोरीज थी एक फाइन हिट सीरीज वहीं घोस्ट स्टोरीज है बिल्कुल टेस्टलेस सीरीज, जिसे डर तो बिल्कुल नहीं लगता है.

फिल्म में किसी भी कैरेक्टर ने अप टू द मार्क्स जाकर वो एक्टिंग नहीं की जिसे ये फील हो की हमने एक हॉरर सीरीज देखी है. स्क्रिप्टिंग और डायरेक्शन में भी कमी है.

खास तौर पर अनुराग कश्यप की डायरेक्ट की स्टोरी, जिसका ना तो सिर है ना ही पैर या तो फिर ये पार्ट इतना हाई लेवल का है कि आडियंस समझ ही नहीं पाई की डरना भी है.

अगर आपके पास नेटफिलिक्स का सब्सक्रीप्शन है तो डरने के लिए नहीं पर टाइम पास के लिए आप इसे देख सकते हैं और अगर सब्सक्रीप्शन नहीं है तो किसी के हाथ पर जोड़कर पासवर्ड लेने की जरुरत नहीं है क्योंकि देखकर डर कम अफसोस ज्यादा होगा.

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