Maharani Gayatri Devi (file)

दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में शुमार जयपुर की महारानी गायत्री देवी को आज कौन नहीं जानता. उनकी खूबसूरती और आकर्षण के किस्से आज भी मशहूर हैं. एक समय उन्होंने महिलाओं के लिए पर्दा प्रथा का विरोध किया था क्योंकि वो मानती थीं कि महिलाएं पुरुषों से किसी भी मायने में कम नहीं हैं. इतना ही नहीं उन्होंने जयपुर से पहला चुनाव रिकॉर्ड मतों से जीता था और तीन बार लोकसभा का चुनाव जीता था.

राजमाता गायत्री देवी का पारिवारिक जीवन

गायत्री देवी का जन्म 23 मई 1919 को लंदन में हुआ था. गायत्री देवी के पिता कूच बिहार के राजा थे और उनकी मां इंद्रा राजे बरोड़ा की मराठा राजकुमारी थीं. महाराजा मानसिंह की तीसरी पत्नी थीं महारानी गायत्री देवी.

गायत्री देवी का ड्रेसिंग सेंस चर्चा में रहा. वो बेल बॉटम और फ्रेंच शिफॉन की साड़ी को अलग अंदाज में पहनती थीं जिसे उस वक्त हाई सोसाइटी में काफी फॉलो किया गया. इतना ही नहीं vogue मैगजीन ने गायत्री देवी को दुनिया की 10 सबसे सुंदर महिलाओं में से एक माना था.

29 जुलाई 2009 को 90 साल की उम्र में गायत्री देवी का देहांत हो गया. बताया जाता है कि उनकी मौत किडनी खराब होने की वजह से हुई थी.

महारानी गायत्री देवी का राजनीतिक सफर

महारानी गायत्री देवी को ‘beauty with brains’ का परफेक्ट एग्जाम्पल माना जाता रहा है. दरअसल साल 1962 में उन्होंने जयपुर से पहला चुनाव रिकॉर्ड मतों से जीता. उन्हें 2.46 लाख मत में से 1.93 लाख मत मिले जिससे उनका नाम सर्वाधिक वोट के लिए विश्व रिकॉर्ड के तौर पर गिनीज बुक में दर्ज हुआ.

1962 में सी राजगोपालाचारी द्वारा स्थापित स्वतंत्र पार्टी से उन्होंने राजनीति की शुरुआत की. 1971 में भी स्वतंत्र पार्टी से जयपुर से चुनाव जीतकर वो संसद पहुंची. इसके बाद उन्होंने तीन बार लोकसभा का चुनाव जीता.

साल 1965 में उन्हें लाल बहादुर शास्त्री द्वारा कांग्रेस में शामिल होने का न्यौता भी मिला था.

इमरजेंसी के दौरान मुसीबत में पड़ी थी गायत्री देवी

1975 में इमरजेंसी के दौरान इंदिरा गांधी ने महारानी गायत्री देवी के महल पर रेड करवा दी थी. इंदिरा ने महारानी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने काफी धन महल में छिपा रखा है जिसका गलत उपयोग किया जा सकता है. गायत्री देवी ने इस इल्‍जाम से इंकार किया पर रातों रात इंदिरा सरकार के आदमियों ने पूरे महल को खोद डाला था लेकिन कुछ हासिल नहीं हो सका.