पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस जाएगा PAKISTAN-नितिन गडकरी

नई दिल्ली. . पंजाब में लोकसभा चुनाव के लिए बुधवार को पंजाब के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पाकिस्तान को सुधर जाने की चेतावनी दी है. इसके साथ ही गडकरी ने विपक्ष पर निशाना साधा.

गडकरी ने पाकिस्तान को चेताते हुए कहा कि आतंकवाद नहीं रोका तो पाक जाने वाला पानी बंद कर देंगे. उन्होंने कहा कि 1960 में पाक जरनल अयूब खान और भारत के पीएम जवाहर लाल नेहरू के बीच जलसंधि हुई थी.

लिखित करार हुआ था कि दोनों देशों के बीच भाईचारा, सौहार्द, पारिवारिक रिश्ते हैं, इसलिए हम भारत से निकलने वाली छह नदियों में से तीन नदियों का पानी पाक को देंगे.

इसके साथ ही गडकरी ने कहा कि निराश विपक्ष ने देश के प्रधानमंत्री मोदी को 56 गालियां दी हैं. ये 56 भोग की तरह है. उन्होंने कहा कि PM किसी पार्टी के नहीं बल्कि देश के होते हैं. दुर्भाग्यवश पीएम के मान सम्मान की बजाय विपक्ष और खास तौर से कांग्रेस के द्वारा उन पर अभद्र टिप्पणियां की गई.

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि जो 1984 के दंगा पीड़ितों को न्याय नहीं दे पाए वो देश के गरीबों को क्या न्याय देंगे. जिन लोगों पर अत्याचार और अन्याय हुआ उनको न्याय नहीं दे पाए, वो क्या देश के गरीबों को न्याय देंगे.

राहुल पर हमलावर होते हुए उन्होंने कहा ” इनकी पीढ़ियां गरीबी हटाओ की बात करती रही, लेकिन गरीबी हटी नहीं”. अब राहुल जी भी वही बात कह रहे हैं, तो इनकी विश्वनियता कहां हैं? ये न्याय नहीं है, आज तक हुए अन्याय की बात है.

गडकरी ने आगे कहा कि तीन नदियों का पानी पाकिस्तान जा रहा है, हम इसे रोकना नहीं चाहते हैं. लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच जल संधि का आधार शांतिपूर्ण संबंध और दोस्ती थे जो अब पूरी तरह से समाप्त हो गए हैं. इसलिए हम इस संधि का पालन करने के लिए बाध्य नहीं हैं.

सितंबर 1960 में भारत और पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्रियों, पंडित जवाहरलाल नेहरू और अयूब खान ने विश्व बैंक की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच सिंधु जल क़रार किया था.

इसके तहत भारत को पूर्व की तीन नदियों रावी, सतलुज और ब्यास और पाकिस्तान को सिंधु, चिनाब और झेलम के नियंत्रण का अधिकार मिला था. पाकिस्तान नियंत्रित तीनों नदियों का बहाव क्षेत्र और इनका बेसिन भारत में होना पाकिस्तान के लिये शुरू से चिंता का विषय रहा है.