पूर्व उपराष्ट्रपति Hamid Ansari की पत्नी ने मदरसे में मंदिर बनवाने का किया ऐलान, शुरू हुई राजनीति

कभी भारत में मुस्लिमों को ख़तरा बताने वाले बयान देकर सुर्खियों में रहने वाले उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी (Hamid Ansari) की पत्नी सलमा अंसारी (Salma Ansari) अब वो काम करने जा रही हैं, जो हिंदू-मुस्लिम एकता की मिशाल बनेगा.

सलमा ने हाल ही में चाचा नेहरू मदरसा (Chacha Nehru Madarasa) के अंदर एक मस्जिद व एक मंदिर का निर्माण कराने का फैसला किया है. इस मंदिर में शिवजी और हनुमान जी की मुर्ति स्थापित की जाएगी. और ये मंदिर दो महीने में बनकर तैयार हो जाएगा. ये मदरसा यूपी के अलीगढ़ में स्थित है, और सलमा अंसारी ही इसका संचालन करती हैं.

हिंदू बच्चे भी पढ़ते हैं

ये मदरसा 19 साल से चल रहा है. और तकरीबन इसमें 4 हजार से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं. इनमें हिंदू बच्चे भी शामिल हैं. सलमा अंसारी ने कहा कि हमारे लिए मंदिर-मस्जिद सभी बराबर हैं. हमारे स्कूल में मस्जिद व मंदिर साथ-साथ रहेंगे. क्योंकि हमारे यहां पढ़ रहे बच्चों को मंदिर जाने जाने के लिए स्कूल कैम्पस से बाहर जाना पड़ता है.

बीजेपी सरकार पर साधा निशाना

पूर्व राष्ट्रपति की पत्नी ने अपनी इस घोषणा के साथ केंद्र और राज्य सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में अभी हालात सही नहीं हैं. और वे नहीं चाहती कि उनके मदरसे में पढ़ने वाले बच्चे जब मंदिर जाएं तो रास्ते में उनके साथ कोई घटना हो जाए. उन्होंने कहा कि मॉब लिंचिंग जैसे अपराध देश के ऊपर धब्बा हैं. और उन्हें अपने बच्चों की फिक्र है.

मदरसे में मंदिर का विरोध

सलमा अंसारी के इस फैसले पर भी विवाद शुरू हो गया है. सपा के पूर्व विधायक जमीरुल्लाह ने इसका विरोध करते हुए कहा कि मदरसे में किसी मंदिर की जरूरत नहीं है, क्योंकि ऐसा करने पर कई और जगहों पर भी लोग मदरसों में मंदिर बनाने की मांग कर सकते हैं. 

इसी तरह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में धर्मशास्त्र के स्कॉलर और प्रोफेसर मुफ्ती जाहिद ने कहा है कि मुसलमान मूर्ति पूजा का प्रचार नहीं कर सकते हैं.

Leave a Reply