पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का अंतिम संस्कार आज, सात दिनों के राजकीय शोक का ऐलान

pranab mukherjee
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp

नई दिल्ली. भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का सोमवार की शाम 84 साल की उम्र में निधन हो गया. प्रणब मुखर्जी को पिछले 10 अगस्त को सेना के ‘रिसर्च एंड रेफ्रल हास्पिटल’ में भर्ती कराया गया था. उसी दिन उनके मस्तिष्क की सर्जरी की गई थी. उसके बाद वो काफी दिनों तक सेना के अस्पताल में कोमा में थे. प्रणब मुखर्जी के गुर्दे भी ठीक से काम नहीं कर रहे थे.

देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक मंगलवार दोपहर करीब दो बजे दिल्ली के लोधी रोड श्मशान घाट में पूर्व राष्ट्रपति को अंतिम विदाई दी जाएगी. इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास स्थान पर आज सुबह सुबह 9.15 बजे से 12 बजे तक रखा जाएगा.

केंद्र सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के सम्मान में 7 दिवसीय राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. गृह मंत्रालय ने कहा कि राजकीय शोक के दौरान देश भर में सरकारी भवनों पर तिरंगा आधा झुका रहेगा और कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं होगा. प्रणब मुखर्जी के निधन पर पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने भी 1 सितंबर को राज्य में शोक घोषित किया है.

लंबे समय तक कांग्रेस के नेता रहे मुखर्जी सात बार सांसद रहे. अस्पताल में भर्ती कराये जाने के समय वो कोविड-19 से संक्रमित पाये गए थे. साथ ही उनके फेफड़ों के संक्रमण का भी इलाज किया जा रहा था. उन्हें इसके चलते रविवार को ‘सेप्टिक शॉक’ आया था.

देश के 13वें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हुआ था. एमए, एलएलबी के बाद प्रणब दा ने टीचर और पत्रकार के रूप में काम किया. बाद में उन्हें राजनीति भा गई. प्रणब मुखर्जी सियासी गलियारे में प्रणब दा के नाम से पुकारे जाते थे. राजनीति में उनका लंबा अनुभव रहा जिसका लोहा हर किसी ने माना. यूपीए सरकार में प्रणब मुखर्जी के पास वित्त मंत्रालय संभालने के अलावा कई अहम जिम्मेदारियां थीं. यूपीए में उनका कद पीएम से कम नहीं था. पार्टी और सरकार के बीच पुल का काम वही करते थे.

मुखर्जी भारत के एकमात्र ऐसे नेता थे जो देश के प्रधानमंत्री पद पर न रहते हुए भी आठ सालों तक लोकसभा के नेता रहे. वे 1980 से 1985 के बीच राज्यसभा में भी कांग्रेस पार्टी के नेता रहे. साल 2012 में प्रणब मुखर्जी देश के राष्ट्रपति बने थे. वे भारत के 13वें राष्ट्रपति थे.

दुनियाभर के दिग्गज नेताओं ने प्रणब दा के निधन पर शोक व्यक्त किया है. दा की काफी करीबी बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर शोक व्यक्त किया है. यही नहीं, उनके निधन पर बांग्लादेश में एक दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है.