विदेशी निवेशकों को सता रहा पैसे डूबने का डर, कर रहे निकासी

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नई दिल्ली. कोरोना के कहर की वजह से शेयर बाजार पस्त नजर आ रहा है. निवेशक बाजार में पैसे डालने से डर रहे हैं. कोरोना के बढ़ते कहर को देखते हुए निवेशक जल्द से जल्द अपने पैसे को निकालने में लगे हुए हैं.

कोरोना की मार से सिर्फ भारतीय बाजार प्रभावित नहीं हो रहा है, बल्कि इसके चलते दुनियाभर के बाजार पस्त नजर आ रहे हैं. इसक वायरस की वजह से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है. इसके चलते विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने मार्च में भारतीय पूंजी बाजारों से 1.1 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड निकासी की है.

डिपॉजटरी के आंकड़ों के अनुसार एफपीआई ने मार्च में शेयरों  से 61,973 करोड़ रुपये और ऋण या बांड बाजार से 56,211 करोड़ रुपये निकाले.

आज महावरी जयंती के चलते बाजार बंद हैं. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में ही आज कारोबार देखने को नहीं मिलेगा. लेकिन बीते शुक्रावर को बाजार बुरी गिरावट के साथ ही बंद हुआ था. सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी बाजार तेजी नहीं दिखा पा रहा है. क्योंकि निवेशकों का भरोसा बाजार से लगभग उठ चुका है. उनका डर उन पर हावी है. उन्हें उनके पैसे डूब जाने का डर सता रहा है.जिसकी वजह से वो पैसे की निकासी कर रहे हैं.

एफपीआई ने इस तरह कुल मिलाकर उन्होंने भारतीय पूंजी बाजार से 1,18,184 करोड़ रुपये की निकासी की. इससे पहले छह महीने यानी सितंबर, 2019 से फरवरी, 2020 तक एफपीआई ने भारतीय पूंजी बाजारों में शुद्ध निवेश किया था. नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड द्वारा जब से एफपीआई के निवेश के आंकड़े उपलब्ध कराए जा रहे हैं तब से यह उनके द्वारा किसी महीने में की गई निकासी का सबसे ऊंचा आंकड़ा है. अप्रैल में सिर्फ दो सत्र में विदेशी निवेशकों ने भारतीय पूंजी बाजारों से 6,735 करोड़ रुपये की निकासी की है. इसमें से 3,802 करोड़ रुपये शेयरों से तथा 2,933 करोड़ रुपये बांड से निकाले गए हैं.