जानिए UNION BUDGET 2019 पर किसने क्या-क्या कहा….

नई दिल्ली. चुनाव से पहले मोदी सरकार अपने आखिरी बजट में हर तबके पर मेहरबान हुई है. मिडिल क्लास और किसान इस बजट के केंद्र में हैं.

वित्तमंत्री ने मिडिल क्लास को भी ईमानदारी का ईनाम देते हुए आयकर की सीमा को दोगुनी करते हुए पांच लाख कर दिया है. अब पांच लाख तक की आय कर मुक्त होगी.

मगर इस बजट का सबसे बड़ा एलान किसानों के लिए हुआ है. लेकिन मोदी सरकार के इस बजट पर पक्ष और विपक्ष की अलग-अलग राय है….

बजट में सबको राहत देने की कोशिश की गई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि इस बजट में 3 करोड़ से ज्यादा मध्यम वर्ग के टैक्स देने वालों को और 30-40 करोड़ श्रमिकों को सीधा लाभ मिलना तय हुआ है.

देश का एक बहुत बड़ा वर्ग आज अपने सपनें साकार करने में और देश के विकास को गति देने में लगा हुआ है. उनके लिए सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.

उन्होंने कहा कि देश में बढ़ते मीडिल क्लास की आशा – आक्षांका को कुछ हौसला मिले, इसके लिए हमारी सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है. मैं मीडिल क्लास को इनकम टैक्स में मिली छूट के लिए बधाई देता हूं.

यह ऐतिहासिक बजट: राजनाथ सिंह
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है और इससे समाज के सभी वर्ग लाभान्वित होंगे.

हमारी सरकार चाहती है कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और यही बजट का उद्देश्य है। मैं इसे ऐतिहासिक बजट कहूंगा.

अमित शाह
अमित शाह ने कहा, यह नये भारत के निर्माण को समर्पित मोदी सरकार के संकल्प एवं प्रतिबद्धता का प्रतीक है. ‘आज के बजट ने यह पुनः प्रमाणित किया है कि मोदी सरकार देश के गरीब, किसान और युवाओं के सपने एवं आकांक्षाओं को समर्पित सरकार है.

इस सर्वग्राही बजट के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं उनकी पूरी सरकार को बधाई देता हूं.’ उन्होंने कहा कि यह फैसला किसान कि आय दो गुना करने के प्रयास में मील का पत्थर साबित होगी.

कृषि मंत्री राधामोहन सिंह
कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि हमने पहले से ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए गाइड लाइन जारी कर दिए हैं और छोटे-सीमांत किसानों को अब हर साल 6 हजार रुपये दिए जाएंगे.

राहुल गांधी
राहुल गांधी ने किसानों के लिए प्रति दिन 17 रुपये के ऐलान पर नरेंद्र मोदी को घेरा
राहुल ने ट्वीट करते हुए कहा कि 5 साल की अक्षमता और अहंकार से किसान पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं. अब उनको प्रतिदिन 17 रुपये देना उनके द्वारा की गई मेहनत और उनकी हर मांग का अपमान है.

मनमोहन सिंह
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि यह बजट आने वाले लोकसभा चुनाव पर बड़ा असर डालेगा. सरकार ने बजट में मिडिल क्लास, छोटे किसानों और ग्रामीण जनसंख्या के लिए काफी चीज़ें दी गई हैं.

मनमोहन सिंह ने कहा कि यह एक चुनावी बजट है. उन्होंने कहा कि मिडिल क्लास के लिए टैक्स में छूट और किसानों को जो उपहार दिए गए हैं उसका असर चुनाव पर ज़रूर पड़ेगा.

अखिलेश यादव
उन्होंने कहा कि अंतरिम बजट झूठ का बड़ा पुलिंदा है. जिसमें सच को छोड़कर सब कुछ है. अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कसा तंज- तो क्या करोगे लाकर बजट…

जब हर क्षेत्र में देश गया घट, तो क्या करोगे ला कर बजट.

भूमिहीन किसानों व श्रमिकों के लिए इसमें कुछ भी राहत नहीं है.

पी चिदंबरम
पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने बजट को लेकर कहा, ‘यह लेखानुदान नहीं, बल्कि वोट का हिसाब-किताब है.’

शशि थरूर
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, ‘यह पूरी कवायद ठंडी रही. हालांकि हमें एक अच्छी चीज दिखाई दी वह है मध्यम वर्ग को मिलने वाली आयकर सीमा में छूट.

किसानों को मिलने वाली आय सहायता को 6,000 रुपये से घटाकर 500 रुपये प्रति महीने कर दिया गया. क्या यह उन्हें सम्मान और गरिमा के साथ जीने में सक्षम बनाएगा?’

उमा-पासवान
उमा भारती और रामविलास पासवान ने बजट को सरकार की विपक्ष पर सर्जिकल स्ट्राइक बताया है.

मल्लिकार्जुन खड़गे
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद में पेश बजट भाजपा का चुनावी घोषणापत्र है. 500 रुपये प्रति महीने किसानों के साथ मजाक.

सीएम ममता बनर्जी-यह एक एक्सपायरी और हताशा का बजट

सीएम कमलनाथ- किसानों के लिए घोषित राशि ऊंट के मुंह में जीरा के समान

तो वहीं बसपा ने अंतरिम बजट को जुमलेबाजी वाला बजट बताया

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