वित्‍त मंत्रालय का फाइल फोटो

नई दिल्ली. फाइनेंस मिनिस्‍टरी ने नई सरकार के लिए 100 दिन का एजेंडा तैयार कर लिया है. यह एजेंडा इकोनॉमी की रफ्तार बढ़ाने के लिए तैयार किया है. दरअसल फाइनेंशियल ईयर 2018-19 की तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ फिसलकर 6.6 फीसदी पर आ गई. 

मीडिया रिपोर्ट और सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि निजी निवेश, रोजगार बढ़ाना और फार्म सेक्टर को राहत पहुंचाना भी सरकार का प्रमुख एजेंडा होगा. बता दें कि लोक सभा के चुनावी नतीजों के रूझानों से केंद्र में एक बार फिर नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में एनडीए की सरकार बनती दिख रही है.

इनकम टैकस स्‍लैब में हो सकता है बदलाव

बता दें कि इनके साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर संग्रह बढ़ाने और टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी फोकस रहेगा. वहीं,  जुलाई में पेश होने वाले पूर्ण बजट में इनकम टैक्‍स स्लैब और इनकम की दरों में बदलाव का फैसला भी लिया जा सकता है. गौरतलब है कि मोदी सरकार के अंतरिम बजट में इसके संकेत दिए गए थे.

गवर्नेंस का स्तर सुधारने पर भी रहेगा फोकस

सूत्रों के मुताबिक इंडस्ट्रियल ग्रोथ, क्रेडिट ग्रोथ और बैंकिंग सेक्टर में स्थिरता लाने जैसे मुद्दे भी 100 दिन के एजेंडे  में शामिल होंगे. वहीं, बैंकिंग सेक्टर में कॉरपोरेट गवर्नेंस का स्तर सुधारने पर भी फोकस रहेगा.