एसबीआई, एचडीएफसी सहित अन्‍य बैंकों ने ईसीएलजीएस के तहत एमएसएमई को दिए 79,000 करोड़ रुपये: वित्‍त मंत्रालय

Bank Rules Will Be Chanaged From 1 July
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नई दिल्‍ली, 24 जून (हि.स.).सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों ने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) को 20 जून, 2020 तक 79 हजार करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा के ऋणों को मंजूरी दी है. वित्‍त मंत्रालय द्वारा दी गई ताजा जानकारी के मुताबिक आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत शीर्ष कर्जदाताओं में एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पीएनबी और केनरा बैंक शामिल हैं.

गौरतलब है कि कोविड-19 की महामारी और लॉकडाउन से अर्थव्‍यवस्‍था को उबारने के लिए वित्त मंत्रालय ने बीते दिनों सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए आत्‍मनिर्भर भारत अभियान के तहत कई अहम ऐलान किए थे.

वित्त मंत्रालय के मुताबिक ईसीएलजीएस के तहत सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बैंकों ने 20 जून, 2020 तक 79 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक के लोन की मंजूरी दे दी है, जिनमें से 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहले ही वितरित की जा चुकी है.

उल्‍लेखनीय है कि केंद्र सरकार की आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना से 19 लाख एमएसएमई और अन्य कारोबारियों को लॉकडाउन के बाद अपने-अपने व्यवसायों को फिर से शुरू करने में मदद मिली है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्‍मनिर्भर भारत अभियान के तहत वित्‍त मंत्री ने आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था, जिसमें एमएसएमई और छोटे कारोबारियों को अतिरिक्त लोन के रूप में 3 लाख करोड़ रुपये देने की की घोषणा की थी.

ईसीएलजीएस स्‍कीम के तहत  ब्याज दर बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के लिए अधिकतम 9.25 फीसदी और गैर-वित्तीय संस्थाओं के लिए 14 फीसदी है. वहीं, इस योजना के तहत लोन की अवधि 4 साल है और इसकी अधिस्थगन अवधि मूलधन पर एक साल होती है,

हिन्‍दुस्‍थान समाचार/प्रजेश शंकर