हरियाणा: अंग्रेजों से लोहा लेने वाले गांव रोहणात की गौरवगाथा पर बन रही फिल्म

6 august
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp

भिवानी, 06 अगस्त (हि. स.). हरियाणा के भिवानी जिला का गांव रोहणात अपने संघर्ष व बलिदान के लिए एक बड़ा नाम है. जिसके गांव के इतिहास को आठवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जा रहा है कि किस प्रकार से इस गांव ने 1857 की क्रांति में अपनी अहम भूमिका निभाई तथा अंग्रेजों के आगे झुके बगैर देश के लिए न्यौछावर हो गए.

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी गांव रोहणात के इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने की बात पिछले दिनों कह चुके हैं. इस गांव के इतिहास पर प्रदेश सरकार द्वारा एक फिल्म भी बनाई जा रही हैं. 1857 की क्रांति में जब गांव रोहणात के ग्रामीणों ने अंग्रेजों की सत्ता को मानने से इंकार कर दिया व 11 अंग्रेज अफसरों को हांसी तथा 13 अंग्रेजों को हिसार में मारा तब इस क्रांतिकारी गांव की अंग्रेजों ने गांव की 20 हजार 656 बीघा जमीन नीलाम कर दी.तथा गांव पर तोप से गोलीबारी कर दी.

अंग्रेज ग्रामीणों को पकडक़र गांव के नजदीकी कस्बा हांसी की सडक़ पर रोड़ रोलर से कुचल दिया गया था, जिससे सडक़ रक्तरंजित लाल हो गई थी.यह सडक़ आज भी हांसी में लाल सडक़ के नाम से जानी जाती है.इसके साथ गांव के बरगद के पेड़ पर ग्रामीणों को फांसी पर भी लटका दिया गया था.

अंग्रेजों के इस अत्याचार के बाद भी गांव रोहणात के ग्रामीण अंग्रेजों के खिलाफ खड़े रहे.अंग्रेज अफसरों को ग्रामीणों द्वारा मारने के चलते अंग्रेजों ने इस गांव को अंग्रेजों को जरनल कोर्टलैंड की अगुवाई में तोप के गोलों से उड़ाकर तहस-नहस किया.ग्रामीणों को पकडक़र अंग्रेज हांसी ले गए, जहां उन्हे रोडऱोलर से कुचल दिया. महिलाओं पर भी जुल्म ढ़हाए.

उन्होंने गांव के जोहड़ किनारे कुएं में कूदकर अपनी इज्जत बचाई.इस इतिहास की गवाही गांव के जोहड़ के किनारे पुराना कुआं व बरगद का पेड़ आज भी देते हैं. 23 मार्च 2018 को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पहली बार तिरंगा झंडा फहराया. क्योंकि गांव की 20 हजार 656 बीघे जमीन जो अंग्रेजों ने नीलाम कर दी थी, वह अब भी ग्रामीणों द्वारा प्रयोग किए जाने के बाद उनके नाम नहीं थी.जिससे नाराज ग्रामीणों ने 2018 तक गांव में तिरंगा नहीं फहराया था.

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गांव में पहुंचकर शहीद पार्क का निर्माण करवाया तथा गांव के विकास के लिए लाखों रूपयों के कार्यो की घोषणा की.जिसके बाद मुख्यमंत्री के आग्रह पर ग्रामीणों ने गांव में तिरंगा झंडा फहराने की शुरूआत कर दी.

गांव के सरपंच प्रतिनिधि रविंद्र, जागे, धर्मबीर ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ऐसे पहले मुख्यमंत्री रहे, जिन्होंने गांव की सुध ली तथा गांव में विकास कार्य करवाएं तथा यहां पर 23 मार्च 2018 से शहीदी दिवस के मौके पर तिरंगा फहराने की परंपरा की शुरूआत की. अब इस गांव की गौरवगाथा न केवल 8वीं के शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल है, बल्कि इस गांव के इतिहास पर प्रदेश सरकार एक फिल्म भी बनवा रही हैं.

हिन्दुस्थान समाचार/इंद्रवेश /संजीव