जानिए किस कमीशन से वायुसेना में महिलाओं को मिलेगी और मजबूती…..

आज वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल बीएस धनोआ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वायुसेना का काम टारगेट सेट करना है. वायुसेना ने एयर स्ट्राइक भी इसी तरीके से की थी.

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने वायुसेना में महिलाओं के लिए परमानेंट कमीशन यानी स्थाई कमीशन को लेकर भी चर्चा की. महिलाओं को स्थाई कमीशन भी दिया जाता है. पीएम ने इसके लिए घोषणा की थी.

इसके माध्यम से महिलाएं भी देश के लिए अपनी सेवाएं दे सकेंगी. उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमीशन से चयनित होने वाली महिलाओं के लिए ये घोषणा की है, जिसकी वजह से महिलाएं ज्यादा समय तक सेना में काम कर सकेंगी.

वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल बीएस धनोआ का कहना है कि स्थायी कमीशन नियम फीमेल महिला अधिकारियों के लिए लाया गया था. उन्होंने बताया कि वायुसेना में महिलाओं के लिए स्थायी कमीशन मौजूद है.

यह कमिशन कैसा है यह दो बातों पर निर्भर करता है. पहला- वैकेंसी की संख्या और दूसरा- मेरिट. उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं में महिलाओं की भर्ती होती है.

वायु सेना में चयन लेने के लिए और इसकी एलिजीब्लिटी को लेकर उन्होंने कहा कि महिला ऑफिसर ने 13 साल तक वायुसेना में अपनी सेवा देना जरूरी है.

यह शर्त पूरा करने के बाद ही उन्हें स्थायी कमीशन के लिए चयनित किया जाएगा. एयरफोर्स में महिलाओं की नियुक्ति शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए की जाती है.

क्या होगा फायदा

महिलाओं के लिए स्थायी कमीशन लागू होने से महिलाएं सेना में लंबे समय तक काम कर सकेंगी. कमीशन के जरिए आने वाली महिलाओं को कई अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी.

स्थायी कमीशन के जरिए महिलाओं को 20 साल तक काम करने का मौका मिलेगा.

पहले थे ऐसे नियम

इस सुविधा से पहले शॉर्ट सर्विस कमीशन के अधिकारी को 10 साल की सर्विस करनी पड़ती थी. इसके बाद स्थायी कमीशन के लिए योग्य होते हैं. उनका एनुएल रिपोर्ट में ट्रैक अच्छा होना जरूरी है.

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