अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

प्रतिभा कुशवाहा

17वीं लोकसभा का चुनाव परिणाम कई मायनों में अनूठे रहे हैं. इस चुनाव में महिला उम्मीदवारों ने भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाया है. इस बार 16वीं लोकसभा के मुकाबले 16 महिला सांसद अधिक चुनी गई हैं, अब इनकी संख्या बढ़कर 78 हो गई है.

सर्वाधिक महिला सांसद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी से आई हैं. इनकी संख्या 41 है, जो इनके चुने गए कुल सांसदों यानी 303 में से 14 फीसदी बैठता है. इसके बाद तृणमूल कांग्रेस से चुनी गई 9 महिला सांसद हैं.

तृणमूल ने इन चुनावों में सबसे ज्यादा 41 फीसदी महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था. इसी तरह बीजू जनता दल के चुने गए 12 सांसदों में से 5 महिला सांसद हैं.

ओडिशा में बीजू जनता दल की 5 और भाजपा की दो महिला सांसदों को मिलाकर राज्य की ने भी 33 फीसदी हो गई. इन चुनाव में 716 महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में थी.

इस तरह महिलाओं ने कुल उम्मीदवारों का केवल 9 फीसदी प्रतिनिधित्व किया. चुनाव मैदान में पुरुष उम्मीदवारों की संख्या 7,334 थी.

सबसे अधिक प. बंगाल से महिला सांसद चुनकर सदन पहुंची हैं. यहां से चुनी गई महिला सांसदों की संख्या 11 है. इनमें से सर्वाधिक तृणमूल कांग्रेस से सांसद हैं. इसी तरह ओडीशा से 7 महिला सांसद हैं.

इनमें से बीजू जनता दल से 5 महिला सांसद हैं. 11 महिला सांसद राजनीति के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश से पहुंची हैं. इनमें से 8 महिला सांसद भारतीय जनता पार्टी से हैं.

इसी तरह से मध्य प्रदेश से 4, गुजरात से 6, महाराष्ट्र से 8, झारखंड से दो, आंध्र प्रदेश से 4, पंजाब से 2, तमिलनाडु से 3 महिला सांसद लोकसभा पहुंची हैं. राजस्थान से भी 3 सांसद, छत्तीसगढ़ से 3, बिहार से 3 और संघ शासित प्रदेशों से दो महिला सांसद चुनकर सदन पहुंची हैं.

संख्या के लिहाज से छठवीं लोकसभा यानी 1977 में सबसे कम 19 महिला सांसदों की संख्या थी, जोकि कुल संख्या का 3.5 फीसदी था. इसी तरह 2009 में संसद पहुंचने वाली महिलाओं की संख्या 59 (10.87 फीसदी) थी.

इससे समझा जा सकता है कि पहले की तमाम आमचुनाव में स्थिति कामोबेश कैसी रही होगी. पहली लोकसभा 1951 में महिला सांसदों की संख्या 22 (4.23 फीसदी) थी.

सबसे कम महिला सांसद 1977 में 19 (3.51 फीसदी) थीं. ऐसी ही कमी 1989 में 9वीं लोकसभा और 2004 में 14वीं लोकसभा चुनावों के दौरान देखी गई.

कुल मिला कर यह खुशी की बात है कि सदन में महिला सांसदों की संख्या 14 फीसदी हो गई है, जो 16वीं लोकसभा में 11.4 फीसदी थी. 17वीं लोकसभा में महिला सांसदों की यह संख्या अब तक सबसे अधिक है.

पर क्या इसे पर्याप्त कहा जा सकता है. जबकि हमारे पड़ोसी बांग्लादेश में संसद में महिला प्रतिनिधित्व 21 फीसदी हो. यहां तक रवाण्डा जैसे देश में यह प्रतिनिधित्व आधे से अधिक यानी 61 फीसदी है.

अगर विकसित देश यूके और अमेरिका की बात की जाए तो यह भारत से कई गुना अधिक (क्रमश: 32 और 24 फीसदी) हो. सीईडीएडब्ल्यू कमेटी और इंटर-पार्लियामेंटरी यूनियन ने 12 मार्च को संयुक्तरूप से विश्व भर की संसद में महिला प्रतिनिधित्व को दर्शाने वाला एक मैप जारी किया है.

इससे पता चलता है कि एक जनवरी, 2019 तक वैश्विक स्तर पर महिला सांसदों का प्रतिशत 24.3 है, जो 2017 के मुकाबले एक प्रतिशत अधिक पाया गया है. वास्तव में 543 में से मात्र 78 महिला सांसद एक विशाल जनतांत्रिक लोकतंत्र में आधी आबादी के लिए न्यायपूर्ण नहीं कहा जा सकता है.

संसद पहुंचने वाली महिला सांसदों का लेखा-जोखा 


राज्य

संख्या

विवरण

प. बंगाल
11
9 टीएमसी और 2 भाजपा से

उत्तर प्रदेश
11
8 भाजपा, 1 बसपा, 1 कांग्रेस, 1 अपना दल

ओडीशा
07
5 बीजेडी और 2 भाजपा से

अब तक लोक सभा में महिलाओं की संख्या 

वर्षमहिला सांसदमहिला सांसद (%)
1951224.50
1957224.45
1962316.28
1967295.58
1971285.41
1977193.51
1980285.29
1984437.95
1989295.48
1991397.30
1996407.37
1998437.92
1999499.02
2004458.29
20095910.87
20146211.40
20197814.0

युगवार्ता के साभार से…

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