Bharat Bandh: कृषि विधेयकों के खिलाफ किसानों का सड़कों पर हल्ला बोल,कई ट्रेनें रद्द

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नई दिल्ली. आज यानी 25 सितंबर को हरियाणा और पंजाब (Haryana And Punjab)  के किसान केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों को लेकर सड़कों पर हैं, भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) समेत विभिन्न किसान संगठनों ने आज पूरे देश भर में चक्का जाम किया है. किसान संगठनों ने देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है. हालांकि आंदोलन का ज्यादा असर पंजाब और हरियाणा में दिख रहा है.

इससे पहले पंजाब में तीन दिवसीय रेल रोको अभियान (Rail stop campaign) की गुरुवार से शुरुआत हो गई है. किसान रेलवे ट्रैक (Railwaya Track) पर डटे हुए हैं और बिल को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

इसके अलावा ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस, नेशनल ट्रेड्स यूनियन कांग्रेस, सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन, हिंद मजदूर सभा, ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर और ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर सहित दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी भारत बंद को अपना समर्थन दिया है.

किसानों से जुड़े सगंठनों के अलावा कई मजदूर संगठनों और विपक्षी दलों (Opposition parties) ने भी बंद को समर्थन दिया है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने किसानों को पूर्ण समर्थन की बात कही है.

किसानों से जुड़े संगठनों का कहना है कि सरकार के ये विधेयक किसान विरोधी हैं, इसलिए इन्हें तुरंत वापस लिया जाएगा. वहीं, विपक्षी दल भी किसानों के समर्थन में लगातार इन विधेयकों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. हालांकि सरकार का कहना है कि ये तीनों कृषि विधायक ऐतिहासिक हैं और इनके जरिए किसानों की आय में वृद्धि होगी.

इसके अलावा, किसान संगठनों ने 1 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन रेल अवरोध करने का फैसला किया है. माना जा रहा है कि दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर को सील किया जाएगा. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय राजधानी में मार्च कर सकते हैं.

कृषि बिलों (Krishi Bill) के खिलाफ किसान संगठनों के तीन दिवसीय ‘रेल रोको’ आंदोलन के मद्देनजर रेलवे के फिरोजपुर डिवीजन से चलने वाली चौदह विशेष यात्री ट्रेनें 24 से 26 सितंबर तक रद्द कर दी गई हैं.

किसान आंदोलन को देखते हुए अंबाला-लुधियाना, चंडीगढ़-अंबाला रेल रूट बंद कर दिया गया है. इस वजह से रेलवे ने करीब दो दर्जन ट्रेनों को निरस्त कर दिया है, परिवर्तित रूट से चलाई जा रही है.

वहीं यूपी में सपा (Samajwadi Party) सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन करेगी. कांग्रेस 28 सितंबर को विधानभवन का घेराव करेगी और शुक्रवार से 31 अक्तूबर तक किसान जागरूकता महाभियान चलाएगी.

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Cm Amrinder Singh) ने प्रदर्शन के दौरान किसानों से कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने और कोरोना वायरस से जुड़े सभी नियमों का पालन करने की अपील की है.

बता दें कि संसद के दोनों सदनों ने जिन दो विधेयकों पर मुहर लगाई है, उनमें पहला कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020 और दूसरा कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 शामिल हैं. इन्हीं दोनों बिल को लेकर किसान सड़क पर हैं.