यह विदाई मायूस कर गई

Irfan Pathan | latest news in hindi
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आखिरकार 2020 के शुरुआती सप्ताह में इरफान ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा कर दी. इस खिलाड़ी का आगाज जितना शानदार रहा विदाई उतनी ही मायूस करने वाली. उनके प्रशंसकों के लिए ही नहीं, स्वयं उनके लिए भी.

संजीव

एक लंबे अंतराल के बाद मार्च 2004 की भारत-पाकिस्तान क्रिकेट सीरीज. पाकिस्तान रवाना होने से पहले टीम इंडिया के कप्तान सौरव गांगुली को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था, खेल ही नहीं दिल भी जीतकर आइए. भारत 19 साल बाद पाकिस्तान की धरती पर क्रिकेट सीरीज खेलने जा रहा था. इसलिए दोनों देशों के क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह चरम पर था. दोनों देशों के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी अपनी-अपनी टीमों की जीत के दावे कर रहे थे.

सौरव गांगुली की अगुवाई वाली इस टीम में सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गजों के बीच एक नौजवान खिलाड़ी था इरफान पठान. घुंघराले बालों वाले बाएं हाथ का यह युवा गेंदबाज भारतीय खेमे में उम्मीद जगाता मालूम पड़ता था. कुछेक महीने पहले ही दिसंबर 2003 में वह टीम में आते ही छा गया. आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू करते हुए एडिलेड ओवल में उसने टेस्ट जीवन का पहला विकेट मैथ्यू हेडन के रूप में लिया. फिर स्टीव वॉ, एडम गिलक्रिस्ट और रिकी पॉंिन्टग. सभी के सभी धाकड़ बल्लेबाज. जाहिर है कि इरफान की गेंदबाजी के चर्चे परवान चढ़ रहे थे. ऐसा में आया 2004 में भारत का पाकिस्तान दौरा. भारतीय टीम पाकिस्तान के लिए रवाना होती, उससे पहले पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज मगर बड़बोले जावेद मियांदाद ने इरफान पठान को लेकर टिप्पणी कर दी कि इरफान पठान जैसे बॉलर हमारे यहां गली-गली में खेलते हैं. इस सिरीज के पांच वन डे मैचों से तीन में इरफान पठान खेले और 4.76 की इकोनॉमी से आठ विकेट लिये. इस प्रदर्शन के सामने टीम के दूसरे गेंदबाज कहीं ठहर नहीं पा रहे थे. भारत ने वन डे श्रृंखला 3-2 और टेस्ट श्रृंखला 2-1 से जीती. पाकिस्तान से इरफान का इंतकाम अभी पूरा नहीं हुआ था. इरफान को एक बार फिर मौका मिला 29 जनवरी 2006 को. भारत बनाम पाकिस्तान का टेस्ट मैच.

कराची में खेले जा रहे इस टेस्ट मैच में इरफान अपने करिअर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने जा रहे थे. टीम के कप्तान राहुल द्रविड़ टॉस हार गए और पाकिस्तान की बैटिंग शुरू हुई. मैच का पहला ओवर. ओवर की पहली तीन गेंदों पर एक भी रन नहीं. चौथी, पांचवीं और छठी गेंद पर तीन पाकिस्तानी बल्लेबाज क्रमश: सलमान बट्ट, युनिस खान और मोहम्मद युसुफ पवेलियन लौट गए. गेंदबाज ने हैट्रिक का जश्न मनाया और गेंदबाज थे इरफान पठान. जिसे कुछ साल पहले ही कहा गया था कि पाकिस्तान की गली-गली में उस जैसा गेंदबाज है. इरफान के इस कारनामे के अगले ही साल 2007 में क्रिकेट के नये स्वरूप टी-20 का विश्वकप खेला गया. विश्वकप के अन्य मैचों की जाने भी दें तो इसके फाइनल मुकाबले को याद किया जाना जरूरी है. भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले में इरफान पठान मैन आॅफ दी मैच चुने गए. उन्होंने 4 ओवर के अपने कोटे में 16 रन देकर तीन विकेट लिए जिसमें शोएब मलिक, शाहिद अफरीदी जैसे दिग्गजों का विकेट भी शामिल है. भारत ने विश्वकप का यह फाइनल जीत लिया.

पूरा लेख पढ़ें यथावत के 15 -31 जनवरी के अंक में…