#Election2019: गीत के धून और योगी का चेहरा, बता रहा है, किसके सिर बंधेगा जीत का सेहरा
  • योगी आदित्यनाथ की भी प्रतिष्ठा दांव पर लगी है. वहीं महागठबंधन से सपा ने जातिगत समीकरण को देखते हुए रामभुआल निषाद को टिकट दिया है
  • योगी आदित्यनाथ का गढ़ माने जाने वाले गोरखपुर सीट पर उप चुनाव में सपा ने जीत दर्ज की थी

गोरखपुर. अंतिम चरण में होने वाले चुनाव में गोरखपुर लोकसभा सीट भी वीआईपी सीटों में से एक है. इस सीट पर बीजेपी उम्मीदवार के रूप में भोजपुरी सीने स्टार रविकिशन चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं इस सीट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी प्रतिष्ठा दांव पर लगी है. वहीं महागठबंधन से सपा ने जातिगत समीकरण को देखते हुए रामभुआल निषाद को टिकट दिया है. कांग्रेस उम्मीदवार मधुसूदन तिवारी को मतदाता वोट कटवा के रूप में देख रहे हैं।.

युवाओं में छा गये हैं रविकिशन.

योगी आदित्यनाथ का गढ़ माने जाने वाले गोरखपुर सीट पर उप चुनाव में सपा ने जीत दर्ज की थी. जिसके कारण उसके हौसले बढ़ गये. वहीं इस बार सीने स्टार को मैदान में उतारकर बीजेपी ने जहां जातिगत समीकरण को साधने की कोशिश की है. वहीं युवा वर्ग को लुभाने में भी कामयाब दिख रही है. हर घर-हर गली में ‘ककरे क हा कही, ककरे के माना, रात-दिन ओवर टाइम खटे निरोजाना, काल्हू के बैल जइसन दुनो पेरे हाली-हाली, एक ओरिया मोर साली, एक ओरिया घर वाली’ आदि की धून बजने लगी है.भोजपुरी के स्टॉर को सुनने के लिए युवाओं में काफी बेताबी दिख रही है.

जातिगत आंकड़े

यहां के इतिहास के बारे में देंखे तो 1989 से 2017 तक इस सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार ने ही जीत दर्ज की थी. 2017 के उप चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन ने बीजेपी के दुर्ग को ध्वस्त किया और प्रवीण कुमार निषाद ने बीजेपी के उपेन्द्र शुक्ल को मात दी. गोरखनाथ मठ के प्रभुत्व वाले इस सीट पर अवैद्यनाथ तीन बार और योगी आदित्यनाथ पांच बार सांसद रह चुके हैं.
पांच विधानसभा वाले लोकसभा सीट पर जातिवार अनुमानित आंकड़ों पर ध्यान दें तो करीब मुसलमान 2.02 लाख, निषाद 2.63 लाख, यादव 2.40 लाख, दलित 2.55 लाख, ब्राह्मण 2.08 लाख, अन्य पिछड़ा 3.04 लाख, वैश्य 1.62 लाख, कायस्थ 0.75 लाख, अन्य 2.40 लाख की तादाद में वोटर हैं.

इनमें ब्राह्मण, वैश्य, कायस्थ, क्षत्रिय के अलावा गोरखपुर में बहुसंख्य रूप से निषाद, पिछड़ा वर्ग में भी बीजेपी की पैठ है. गोरखनाथ मंदिर के सबसे ज्यादा पिछड़े और दलित वर्ग के लोग शिष्य हैं. इस कारण उप चुनाव में महागठबंधन की जीत के बावजूद बीजेपी अपनी सीट जीतते मानकर चल रही है.

उप चुनाव में स्थिति

पिछले लोकसभा उपचुनाव पर नजर दौड़ायें तो 934761 वोट पड़े थे. जबकि मतदाता 1949638 थे. मतदान प्रतिशत 47.94 तक पहुंचा था. जातिगत आंकड़ों ने सपा के पक्ष में फैसला दिया और जीत हासिल हुई. सपा के प्रवीण कुमार निषाद को 456513 वोट, बीजेपी के उपेंद्र दत्त शुक्ला को 434632 वोट और कांग्रेस को महज 2.1 फीसद वोट मिला था. दस में आठ की जमानत जब्त हो गई थी.

राष्ट्रवाद और सिने स्टार का चेहरा सिर चढ़कर बोला

उप चुनाव में न तो एयर स्ट्राइक जैसी कोई घटना हुई थी और न ही कोई बीजेपी से सीने स्टार था. वहां बीजेपी सिर्फ योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर चुनाव लड़ रही थी लेकिन इस बार एयर स्ट्राइक के बाद राष्ट्रवाद का मुद्दा लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है, वहीं रविकिशन सीने स्टार होने के कारण युवा वर्ग में उनका काफी क्रेज है.

हिन्दुस्थान समाचार/आमोद

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