ऐसा है CHINA में पढ़ाई का तरीका, जाने यहां

स्कूल जाना वैसे तो बच्चों को पसंद नहीं होता. मगर अगर स्कूली शिक्षा की प्रणाली खास और रोचक हो तो बच्चों को पढ़ने में भी मजा आता है.

बात करें चीन की तो वहां के एजूकेशन सिस्टम की भी अपनी प्रतिष्ठा है. यहां पढ़ाई करने का तरीका बेस्ट तरीकों में शामिल किया जाता है. हालांकि ये काफी चुनौतीपूर्ण तरीकों में शामिल है. ऐसा माना जाता है कि हर बच्चा इस तरीके से पढ़ाई नहीं कर पाता.

आइए जानते हैं कि चीन में कैसे होती है पढ़ाई. कैसा है यहां स्कूल और पढ़ाई का तरीका.

– चीन की शिक्षा प्रणाली चार स्टेप में होती है. यहां चार अलग-अलग लेवल में पढ़ाई की जाती है. बेसिक एजुकेशन, आक्यूपेशनल एजुकेशन, हायर एजुकेशन और एडल्ट एजुकेशन. बेसिक एजुकेशन में प्री-स्कूल की पढ़ाई, छह साल तक प्राइमरी स्कूल की पढ़ाई, तीन साल तक जूनियर सेकेंड्री स्कूलिंग और तीन साल सीनियर सेकेंड्री स्कूल की पढ़ाई की जाती है.

– चीनी स्टूडेंट हफ्ते में 5 से 6 दिन सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक की क्लास अटेंड करते हैं. शनिवार के दिन बहुत से स्कूल सुबह में सिर्फ साइंस या मैथ्स की क्लास होती है. स्टूडेंट्स को एक घंटो का लंच टाइम होता है.

– चीन में प्री-स्कूल एजूकेशन को महत्व दिया जा रहा है. इस पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है. वहीं शहरी क्षेत्रों में प्री स्कूल एजुकेशन किंडरगार्डन के जरिए मिलती है. किंडरगार्डन एजुकेशन पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है.

– बेसिक एजूकेशन में शामिल सैकेंड्री एजुकेशन 12 से 17 साल के बीच से बच्चों को दी जाती है. इसमें जूनियर मिडिल स्कूल और सीनियर मिडिल स्कूल में पढ़ाई की जाती है. इस दौरान तीन सालों तक पढ़ाई कराई जाती है.

– सीनियर मिडिल स्कूल से निकलने के बाद सेकेंड्री स्कूल, स्टूडेंट्स को हायर एजूकेशन के लिए तैयार किया जाता है. यहां एजूकेशन की क्वालिटी स्टूडेंट्स के नंबरों के आधार पर मापी जाती है.

 सेकेंड्री स्कूल में मिले नंबरों के आधार पर ही स्टूडेंट्स का कॅालेज में एडमिशन होता है. ऐसे में यह लेवल काफी क्रुशियल होता है.

– चीन में स्टूडेंट्स को पढ़ाई के साथ ही नेशनल हायर एजूकेशन के लिए एन्ट्रेंस एग्जाम के लिए तैयार किया जाता है. Gaokao के लिए खास तैयारी करवाई जाती है.

इसी एग्जाम के नंबरों के आधार पर स्टूडेंट्स का एडमिशन हायर एजूकेशन के इंस्टिट्यूट में होती है.

– Gaokao कोई छोटा मोटा नहीं बल्कि नौ घंटे का एग्जाम होता है. यह एग्जाम इतना हार्ड होता है कि इसमें अप्लाई करने वाले सिर्फ 40 पर्सेंट स्टूडेंट्स ही इसे पास कर सकते हैं.

– इस टेस्ट में स्टूडेंट्स के स्किल का मापदंड चीनी भाषा की नॉलेज, मैथ्स, एक फॉरन लेंग्वेज और कई ऑप्शनल सब्जेक्ट का आधार होता है. इसी टेस्ट के आधार पर उन्हें यूनिवर्सिटी में दाखिला मिलता है.

– इस एग्जाम को पास करने वाले स्टूडेंट्स को चाईनीज यूनिवर्सिटी में दाखिला मिलता है, वे बाद में जॉब पाकर संपन्न करियर बनाते हैं.