धन उगाही की रकम ना मिलने पर गांव में बोला धावा, 1 व्यक्ति की मौत, कई घायल

डिब्रूगढ़ (असम), 20 अक्टूबर

जिले के चारखेलिया चापरी इलाके में शनिवार रात मिसिंग समुदाय के छात्र संगठन टीएमपीके के सदस्यों ने मांगे गए पैसे नहीं मिलने पर ग्वाला समुदाय के गांव पर हमला कर दिया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई. हमले में कई अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि महिलाओं समेत कई लोग गायब बताए जा रहे हैं. घायलों को रविवार को डिब्रूगढ़ जिला सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इतना ही नहीं हमलावरों ने 10 घरों को आग के हवाले कर दिया.

बताया गया है कि ब्रह्मपुत्र नद के बीचों-बीच छाड़न वाले इलाके में लंबे समय से उत्तर प्रदेश और बिहार के ग्वाला समुदाय के लोग रहकर दूध का व्यवसाय करते हैं. सुरक्षा के नाम पर यहां पर कुछ भी नहीं है. डिब्रूगढ़ शहर से चारखेलिया चापरी तक सिर्फ नाव से ही पहुंचा जा सकता है. वहां तक पहुंचने में तीन से चार घंटे लगते हैं. इसका फायदा उठाते हुए टीएमपीके के नाम पर पिछले लंबे समय से जबरन धन उगाही होती आ रही है.

बताया गया है कि टीएमपीएक के लेटर पैड पर चारखेलिया चापरी में रहने वाले लोगों से 10 से 70 हजार रुपये की तक की मांग की गई थी. पैसे नहीं मिलने पर शनिवार रात बड़ी संख्या में कथित टीएमपीके के सदस्य हाथों में दाव, लाठी आदि लेकर चापरी पहुंचे और गांव वालों पर हमला कर दिया. हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि अन्य कई व्यक्ति घायल हो गए. इसके अलावा महिलाओं समेत 20 से अधिक लोग गायब हो गए हैं. हमले में घायल मुरली यादव को डिब्रूगढ़ सहर के ब्रह्मुत्र नर्सिंग होम और विजय यादव को असम चिकित्सा महाविद्यालय में भर्ती कराया गया है.

बताया गया है कि पैसे की मांग टीएमपीके के धेमाजी जिले के लाई मेकुरी आंचलिक समिति ने की है. डिब्रूगढ़ सदर थाने में टीएमपीके के लाई मेकुरी आंचलिक समिति के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस की एक टीम चारखेलिया चापरी इलाके के लिए रविवार को रवाना हुई है. इस घटना को लेकर इलाके में सनसनी व्याप्त है.

हिन्दुस्थान समाचार/अरविंद

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