DU के छात्रों ने CAA, NRC, NPR के विरोध मे पीएम मोदी को पत्र भेजा

  • पत्र पर डीयू (DU) के 15 कालेजों के 300 छात्रों ने हस्ताक्षर कर प्रधानमंत्री से सीएए, एनआरसी और एनपीआर को संविधान विरोध बताते हुए इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की है
  • उन्होंने कहा कि हम तमाम विश्वविद्यालयों के छात्रों पर लाठी चार्ज का विरोध करते हैं तथा प्रधानमंत्री से अनुरोध करते है की पुलिस की हिंसक कार्रवाई पर तुरंत एक जांच कमेटी बनाई जाए

दिल्ली विश्वविद्यालय की कांग्रेस से जुड़ी छात्र इकाई NSUI के छात्रों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के विरोध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र भेजा है.

पत्र पर डीयू (DU) के 15 कालेजों के 300 छात्रों ने हस्ताक्षर कर प्रधानमंत्री से सीएए, एनआरसी और एनपीआर को संविधान विरोध बताते हुए इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की है.

पत्र में छात्रों ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया, जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय (JNU), अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) सहित देश के तमाम विश्वविद्यालयों में पुलिस द्वारा लाठी चार्ज का विरोध किया. तथा छात्रों पर हिंसक कार्रवाई करने वाले पुलिस कर्मियों पर निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की.

डीयू के छात्र मौहम्मद अली के अनुसार नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) भारतीय संविधान की प्रस्तावना तथा अनुच्छेद-14 के खिलाफ है जिस कारण यह शरणार्थियों को धार्मिक आधार पर नागरिकता देने का काम करेगा बल्कि हमारे संविधान में कहीं भी धर्म को आधार बनाकर नागरिकता देने का प्रावधान नहीं है. 

हम प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हैं कि आप असंवैधानिक तरीके से बने इस कानून को वापस ले तथा पहले से मौजूद नागरिकता कानून का प्रयोग करें. जो लोगों को धर्म के आधार पर नागरिकता नहीं देता है.

उन्होंने कहा कि हम तमाम विश्वविद्यालयों के छात्रों पर लाठी चार्ज का विरोध करते हैं तथा प्रधानमंत्री से अनुरोध करते है की पुलिस की हिंसक कार्रवाई पर तुरंत एक जांच कमेटी बनाई जाए जो निष्पक्ष तरीके से जांच करके दोषी पुलिसवालो पर कार्यवाही करे. ताकि पुलिस आगे से शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर लाठी ना बरसा सके.

हिन्दुस्थान समाचार/सुशील

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