DU ने शुरू की ENTRANCE EXAM की तैयारी

DELHI UNIVERSITY ने अपने चुनिंदा कोर्सों के लिए एंट्रेंस एग्जाम लेने की तैयारी शुरू कर दी है. DU के 8 अंडरग्रैजूएट, पोस्ट ग्रैजूएट, एमफिल और पीएचडी कोर्स के लिए डीयू 18 शहरों में एग्जाम लेगा.

डीयू की कोशिश है कि जिस भी शहर में एंट्रेंस सेंटर खोले जाएं, वहां फैसिलिटेशन सेंटर्स भी खोले जाएं. यह सेंटर्स हर शहर में एग्जाम से 10 दिन पहले खोल दिए जाएंगे.

इन सेंटर्स पर जाकर स्टूडेंट्स कंप्यूटर बेस्ड एंट्रेंस एग्जाम को समझ सकेंगे. इन सेंटर्स पर स्टूडेंट्स मॉक टेस्ट देकर प्रैक्टिस कर सकते हैं. हर एग्जाम सेंटर में स्टूडेंट्स पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी लगाए जाएंगे.

एग्जाम के बाद उनसे ऑनलाइन एग्जाम के लिए फीडबैक लिया जाएगा. 

DU ऐकडेमिक सेशन 2019-20 के लिए ऐडमिशन कमिटी बन चुकी है. एडमिशन कमेटी ने तय किया है कि अंडरग्रैजुएट कोर्सों में पिछले साल की तरह ही कटऑफ के आधार पर ऐडमिशन होंगे. वहीं कुछ अंडरग्रैजुएट कोर्स, पीजी, एमफिल और पीएचडी प्रोग्राम के लिए एंट्रेंस एग्जाम होंगे. 

DU के एक सीनियर अधिकारी ने मीडिया को बताया कि एंट्रेंस एग्जाम कंप्यूटर बेस्ड होगा. इसका आयोजन 18 शहरों में होगा. एंट्रेंस एग्जाम में मल्टिपल चॉइस क्वेश्चन (एमसीक्यू) के आधार पर प्रश्न पूछे जाएंगे.

DU का एंट्रेंस एग्जाम तीन शिफ्ट में होगा. इसके लिए सुबह 8 से 10, दोपहर 12 से 2 बजे तक और 4 से 6 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है.

दिल्ली यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट के कंप्यूटर बेस्ड ऑनलाइन एग्जाम के इंतजाम करने भी शुरू कर दिए हैं. इसके हिसाब से स्टूडेंट्स का बायोमिट्रिक वेरिफिकेशन भी होगा. 

डीयू एजेंसी के जरिए हर शहर में फैसिलिटेशन सेंटर्स खोलेगा, जहां जाकर स्टूडेंट्स कंप्यूटर बेस्ड एंट्रेंस एग्जाम का आइडिया ले सकते हैं. 

एग्जाम सेंटर में जाकर माक टेस्ट देकर खासतौर पर उन स्टूडेंट्स को फायदा मिलेगा जो ज्यादा कंप्यूटर फ्रेंडली नहीं हैं. इन सेंटर्स के अलावा डीयू की वेबसाइट में भी मॉक टेस्ट दिया सकता है. दिव्यांग स्टूडेंटस के लिए अलग से फैसिलिटेशन सेंटर हर शहर में बनाया जाएगा.