Turtle smuggling

कोलकाता। चेन्नई से ट्रेन के जरिए हावड़ा और वहां से बांग्लादेश में तस्करी के लिए लाए जा रहे 834 इंडियन स्टार कछुओं की बड़ी खेप बरामद करने में केंद्रीय खुफिया राजस्व ब्यूरो (DRI) की टीम को सफलता मिली है.

इसके साथ ही तीन लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है. जांच एजेंसी के पूर्व क्षेत्रीय उपनिदेशक पार्थ प्रतिम बसु ने यह जानकारी शुक्रवार को दी है. उन्होंने बताया कि इन कछुओं की बरामदगी 10 जून को ही हुई थी.

पार्थ प्रतिम के मुताबिक उन्हें सूचना मिली थी कि भारतीय स्टार कछुओं की खेप चेन्नई से कोरोमंडल एक्सप्रेस से लाई जा रही है और उसे उतारकर सांतरागाछी रेलवे स्टेशन पर तस्करों के एक समूह को सौंप दिया जाएगा.

सूचना के आधार पर 10 जून से डीआरआई, कोलकाता जोनल यूनिट ने  सांतरागाछी रेलवे स्टेशन पर निगरानी रख रही थी.

कोरोमोंडल एक्सप्रेस के स्टेशन पर आने के कुछ ही मिनटों बाद, अधिकारियों ने 3 व्यक्तियों की कुछ संदिग्ध हरकत को देखा, जो रेलवे स्टेशन के पास पार्किंग क्षेत्र में हुंडई कार में 4 ट्रॉली बैग लोड करने की कोशिश कर रहे थे.

अधिकारियों ने तीनों व्यक्तियों के साथ वाहन को रोक लिया.  उन लोगों से पूछताछ शुरू की गई तो स्वीकार किया कि ट्रॉली बैग में भारतीय स्टार कछुआ थे और ये चेन्नई से लाए गए थे.

लोगों ने बताया कि इन कछुओं को एक यात्री द्वारा उन्हें सौंप दिया गया था और वे उन्हें सीमा के पास बानिपुर ले जाने वाले थे, जहां से इसे बंगदेश में तस्करी किया जाना था.

ट्रॉली बैग की तलाशी लेने पर उसमें 834 की संख्या में भारतीय स्टार कछुओं को बरामद किया, जिनका नाम ‘जियोचेलोन एलिगेंस’ है.

ये कछुए संरक्षित प्रजाति है और वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट, 1972 की अनुसूची IV में सूचीबद्ध हैं. भारतीय विदेश व्यापार नीति के तहत इन कछुओं का निर्यात करना गैरकानूनी है. जब्त किए गए भारतीय स्टार कछुओं को तब अलीपुर प्राणि उद्यान, कोलकाता को सुरक्षित सौंप दिया गया था.

सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत तीनों व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. हालांकि पार्थ प्रतिम ने गिरफ्तार लोगों का नाम बताने से इनकार कर दिया है.

हिन्दुस्थान समाचार/ ओम प्रकाश

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