Dr Koenraad Elst

हिंदू दार्शनिक बेल्जियम के डाक्टर कोईनार्ड एल्टस ने कहा है कि मोदी सरकार की दूसरी पारी में अयोध्या में राम मंदिर बनने और कश्मीर में धारा 370 ख़त्म होने की पूरी-पूरी संभावना है.

उन्होंने मंगलवार को यहां एक भेंट में कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारी बहुमत से राष्ट्रवादी हिंदू सरकार का गठन एक अच्छा संकेत है. भारत ही नहीं, दुनिया भर के हिंदू समुदाय को गौरव का अनुभव करना चाहिए.

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से हिंदू दर्शन में डाक्टरेट की शिक्षा पूरी करने और 30 पुस्तकों के रचयिता कोईनार्ड एल्टस ने कहा कि वह बाबरी ढांचा ढहने से पूर्व दो बार अयोध्या गए हैं.

अयोध्या हिन्दुओं की आस्था का प्रतीक है और बाबरी ढांचा गिरने से बार-बार हादसे होने की सभी आशंकाएं ख़त्म हो चुकी हैं. इस मंदिर निर्माण के लिए जो तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, वह एक अच्छा संकेत है और उम्मीद करनी चाहिए कि देर-सवेर फ़ैसला हिंदू समुदाय के पक्ष में होगा, लेकिन मुस्लिम समुदाय को भी इससे निराशा नहीं होनी चाहिए.

उल्लेखनीय है कि दो बेटे और दो बेटियों के पिता डॉ कोईनार्ड हिंदू स्वयं सेवक संघ के निमंत्रण पर अमेरिका आए हुए हैं, जो अमेरिका के विभिन्न 15 बड़े शहरों में हिंदू दर्शन और हिंदू विचार धारा से संबंधित विभिन्न विषयों पर हिंदू बुद्धिजीवियों के बीच विचारोतेज्जक भाषण देते आ रहे हैं.

वह लॉस एंजेल्स के बाद बोस्टन, न्यू जर्सी  और फिर न्यू यार्क होते हुए 19 जून को  ब्रसेल्स रवाना  होंगे. उन्होंने यहां एनाहिम स्थित गायत्री चेतना मंदिर में भारतीय विचार मंच की एक गोष्ठी में कहा कि वामपंथी विचारधारा से ग्रसित बुद्धिजीवी धिम्मित्यूड के शिकार हैं.

डॉ कोईनार्ड का दृढ़ मत है कि सेकूलरिज़म के नाम पर हिंदुत्व के विरुद्ध विषवमन का कोई औचित्य नहीं है. हिंदुत्व विचारधारा का विचार सर्व प्रथम वीर सावरकर ने दिया था, जो एक राजनैतिक डाक्टराइन ज़रूर है, लेकिन इसमें ग़लत क्या है? हर देश को अपनी संस्कृति पर गर्व होना चाहिए और बीजेपी देश वासियों को अपनी संस्कृति के आधार पर गर्व करने की प्रेरणा देती है.

उन्होंने कहा कि वह भारत, भारतीय संस्कृति और हिंदू विचारधारा के प्रति अटूट आस्था है. उन्होंने बनारस में शिक्षाध्ययन के दौरान काशीनाथ विश्वनाथ मंदिर को दर्शन तो किए हैं, वह अहमदाबाद और दिल्ली के स्वामिनारायण मंदिर से भी बहुत प्रभावित हैं.

उन्होंने कहा कि उन्हें अमेरिका में डेढ़ माह के प्रवास के दौरान अनेक हिंदू परिवारों में रुकने का मौक़ा मिला, जहां उन्हें पूरी आत्मीयता मिली. उनका कहना था कि इस दौरान उन्हें हिंदू स्वयं सेवक संघ की शाखाओं में जाने का मौक़ा मिला. इन शाखाओं में रविवार के दिन हिंदू परिवारों के बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को एकसाथ खेलते, चर्चा करते और भोजन करते देख पारिवारिक आनंद का अनुभव हुआ. यह अन्यत्र कहीं देखने को नहीं मिला. यह एक अनूठा अनुभव था.

डॉ कोईनार्ड ने कहा कि उन्होंने भारत को हिंदू राष्ट्र और हिंदी को राष्ट्र भाषा का दर्जा दिए जाने की ज़रूरत है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वभाव लोगों पर अपने विचार थोपने की फ़ितरत नहीं है. इसके लिए लोगों को ख़ुद-ब-ख़ुद आगे बढ़ना होगा. वह इससे पहले आठ बार अमेरिका आ चुके हैं.

हिन्दुस्थान समाचार/ललित

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