Digital म्यूजियम से नई पीढ़ी को मिलेगी गौरवशाली इतिहास की जानकारी- गहलोत

जयपुर, 29 नवम्बर
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को विधानसभा में राजस्थान विधानसभा के डिजिटल म्यूजियम कार्य का शुभारम्भ किया. शुभारम्भ समारोह में गहलोत ने कहा कि रियासत काल से आधुनिक राजस्थान बनने तक का हमारे प्रदेश का गौरवशाली इतिहास रहा है. इस म्यूजियम से प्रदेश की वैभवशाली विरासत, महान स्वतंत्रता सेनानियों, महापुरूषों एवं नीति निर्माताओं के त्याग, बलिदान और योगदान की जानकारी नई पीढ़ी को मिल सकेगी.

गहलोत ने कहा कि मारवाड़, मेवाड, हाडौती सहित प्रदेश के सभी क्षे़त्रों में कई ऐतिहासिक घटनाएं हुई हैं. इन घटनाओं के साथ ही राजस्थान के विकास क्रम में राज्य विधानसभा के योगदान को हम गर्व के साथ याद करते हैं. इनकी जानकारी नई पीढी तक पहुंचाना जरूरी है. म्यूजियम के माध्यम से शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं आमजन को इन घटनाओं और क्रांतिकारी फैसलों को जानने का अवसर मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने देश को 21वीं शताब्दी में ले जाने का सपना देखा था. सूचना क्रांति के माध्यम से उनका सपना साकार हुआ है. यह म्यूजियम भी इसी दिशा में एक अच्छी पहल है.

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने कहा कि म्यूजियम के जरिए राजस्थान के निर्माण, विकास के आयामों और सामाजिक बदलाव के साथ बने कानूनों से रूबरू हो सकेंगे. साथ ही इससे लोगों का लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास बढ़ेगा तथा लोकतंत्र और मजबूत होगा. संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से 13 करोड़ 47 लाख रूपए की लागत से इस डिजिटल म्यूजियम का निर्माण कराया जा रहा है. यह एक साल में बनकर तैयार होगा. उन्होंने बताया कि यहां 3डी प्रभाव के साथ राजस्थान के विकास की पूरी झांकी देख सकेंगे.

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि इस म्यूजियम में आजादी से लेकर अब तक हुए कार्यों और 15वीं विधानसभा तक का सम्पूर्ण चित्रण एक ही स्थान पर देख सकेंगे. उन्होंने कहा कि रियासतों के विलय में सबसे पहला स्थान भी उदयपुर को जाता है. महाराणा गोपालसिंह ने एकलिंग को साक्षी मानकर सबसे प्रथम विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए थे. आजादी के आंदोलन में सैंकड़ों लोगों के साथ प्राणों की आहूति देने वाले गोविंद गुरू को भी म्यूजिम में स्थान मिलेगा तो यह प्रदेश और देश के लिए गौरव की बात होगी. उन्होंने कहा कि वह जागीरदारी प्रथा समाप्त करने के दौरान वह ऐतिहासिक क्षण भी विधानसभा देखा है जब जनसंघ के आठ सदस्यों में से छह ने पार्टी को छोड़ दिया था.

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस वर्ष के बजट में राज्य विधानसभा में आधुनिक डिजिटल म्यूजियम बनाने की घोषणा की थी. करीब 21 हजार स्क्वायर फीट में बनने वाला यह म्यूजियम विधानसभा के प्रथम एवं द्वितीय तल में प्रदर्शित होगा. इस म्यूजियम में थ्री डी प्रोजेक्शन मैपिंग, एनिमेटेड डायोरमा, इंटरेक्टिव कियोस्क, होलोग्राम, ऑगमेंटेड रियलिटी, वर्चुअल रियलिटी, टॉक बैक स्टूडियो, फिल्म्स ऑन स्क्रीन, स्कल्पचर्स एण्ड म्यूरल्स, मैकेनाइज्ड इंस्टालेशन, डायनमिक इंस्टालेशन तथा वॉल मार्ट एवं इलस्टेªशन जैसी नवीनतम तकनीक के माध्यम से राजस्थान के निर्माण में भागीदार रहे निर्माताओं के योगदान तथा प्रदेश के राजनीतिक आख्यान को प्रदर्शित किया जाएगा. साथ ही इसमें लोकतंत्र, विधानसभा की कार्यप्रणाली एवं प्रशासन प्रणाली की जानकारी मिल सकेगी.

इस अवसर पर विधानसभा सचिव प्रमिल कुमार माथुर, स्वायत्त शासन विभाग के सचिव भवानी सिंह देथा, कार्यक्रम में राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य, विधायक, पूर्व विधायक, विधानसभा के कार्मिक भी मौजूद थे.

हिन्दुस्थान समाचार/ ईश्वर

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