श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव पर इस्कॉन मंदिर में भक्तों का प्रवेश वर्जित

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नई दिल्ली . यदि आप श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इस्कॉन मंदिर में होने वाले धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा बनना चाहते हैं तो इस बार आप ऐसा नहीं कर पाएंगे. क्योंकि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर मंदिर समिति ने भक्तों को सूचित किया है कि दक्षिणी दिल्ली स्थित इस्कॉन मंदिर में आम भक्तों का प्रवेश वर्जित रहेगा.

ईस्ट ऑफ कैलास स्थित श्रीराधा पार्थसारथी मंदिर के प्रबंधक स्वामी विजेंद्र नंदन दास ने मंगलवार को हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि यहां श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव बुधवार (12 अगस्त) को मानाया जाएगा. रात 10 बजे भगवान का अभिषेक किया जाएगा, रात 12 बजे भोग लगेगा और 12:30 बजे आरती होगी.

उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिर प्रांगण में आम भक्तों के प्रवेश पर रोक रहेगी. सिर्फ मंदिर के पुजारी ही अनुष्ठान और पूजा-आरती में भाग ले पाएंगे. आम भक्त जनों के लिए ऑनलाइन प्रसारण की व्यवस्था की गयी है. सभी भक्तजन घर बैठे सुबह 4:30 बजे से रात 12:30 तक कार्यक्रमों का ऑनलाइन प्रसारण देख सकते हैं, प्रभु के दर्शन कर सकते हैं. मंदिर प्रांगण को रंग-बिरंगे फूल एवं लाइटों से सजाया गया है. मंदिर में प्रतिष्ठित श्रीराधा और कृष्ण की झांकी मंत्रमुग्ध करने वाली है.

बता दे कि इस्कॉन मंदिर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी को समर्पित है. देश ही नहीं दुनियाभर में आपको इस्कॉन मंदिर मिल जाएंगे. दिल्ली में भी कई स्थानों पर इस्कॉन मंदिर बने हुए हैं, लेकिन श्रीराधा पार्थसारथी मंदिर दिल्ली का सबसे पुराना इस्कॉन मंदिर है. कोरोना संक्रमण से पहले यहां हज़ारों भक्तों की भीड़ होती थी. नेहरू प्लेस की पहाड़ियों पर बने इस मंदिर की भव्यता और सुंदरता देखते ही बनती है.

हिन्दुस्थान समाचार/ रतन सिंह