क्या 24 साल बाद बदलेगी कश्मीर की सूरत, ये है सरकार की तैयारी

सरकार के लिए आर्टिकल 370 और 35 ए काफी महत्वपूर्ण रहे हैं. आर्टिकल 370 और 35 ए पर काम करने के लिए काफी समय से चर्चा होती रही है.

वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने कार्यकाल संभालने के बाद ही इन दोनों आर्टिकल पर चर्चा शुरू कर दी है. मीडिया रिपोर्ट्स की खबर है कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर में परिसीमन भी करा सकती है.

अब ये सुनने में आ रहा है कि गृह मंत्री खुद इस परिसीमन को लेकर काफी विचार करने में लगे हुए हैं.

सरकार परिसीमन कराने के लिए परिसीमन आयोग का गठन भी कर सकती है. जम्मू कश्मीर में बीजेपी के नेताओं का भी मानना है कि परिसीमन जल्दी ही होना चाहिए.

जम्मू कश्मीर बीजेपी के अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता का कहना है कि राज्य के परिसीमन कराने के लिए उन्होंने राज्यपाल को भी लेटर लिखा है. वैसे बता दें कि अमित शाह ने पद संभालते ही कश्मीर के राज्यपास सत्यपाल मलिक के साथ बैठक भी की थी.

वहीं इस मामले को लेक कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने इस परिसीमन को सांप्रदायिक रूप से बांटने वाला बताया है.

इस मामले पर महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट करके कहा कि जम्मू कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों को फिर से बांटने की तैयारी हो रही है. भारत सरकार की इस योजना के बारे में जानकर परेशान हूं. बेवजह ही ये कदम उठाकर राज्य का भावनात्मक विभाजन करके सांप्रदायिक आधार पर भड़काने के प्रयास किए जा रहे हैं. भारत सरकार पुराने घावों को भरने की जगह कशमीरियों के दर्द को बढाने का काम कर रही है.

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