आखिर दिल्ली-NCR में ही क्यों आ रहे हैं भूकंप के इतने झटके? खतरे की घंटी!

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नई दिल्ली. 12 अप्रैल से तीन जून तक दिल्ली एनसीआर में दस से ज्यादा बार भूकंप के झटके महसूस किए गए लेकिन क्या ये छोटे भूकंप किसी विनाशकारी भूकंप के संकेत हैं या फिर इनकी वजह से कोई बड़ा भूकंप टल गया है.

लोग पहले से ही कोरोना महामारी, तूफान, उल्कापिंड के कारण परेशान है, और अचानक आने वाले तूफान ने तो लोगी की जिदगी दूभर कर दी है…हर पल यही डर बैठा रहता है कि कब हम भूकंप की चपेट में आ जाएं…इस बीच लोगों के मन में डर बैठ गया है कि आखिर दिल्ली एनसीआर में इतने भूकंप क्यों आ रहे हैं.. देखिए इस रिपोर्ट में

दिल्ली में रह-रह कर आ रहे भूकंप के झटके किसी बड़ी तबाही का कारण बन सकते हैं…. दिल्ली-एनसीआर में पिछले दो महीने में 14 बार भूकंप के झटके आ चुके हैं…. इतने भूकंप आने को लेकर एक्सपर्ट्स पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों ही तरीकों से देख रहे हैं…लोगों के मन में डर बैठ गया है कि बार-बार आ रहे झटके किसी बड़े भूकंप की आहट तो नहीं है….वहीं दूसरी तरफ ये भी संभव है कि छोटी तीव्रता के ये भूकंप किसी बड़े भूकंप की आशंका को कम कर रहे हों. …

अलग-अलग एक्‍सपर्ट्स दिल्‍ली-एनसीआर में बड़ा भूकंप आने की चेतावनी दे चुके हैं….जानकार मानते हैं कि हल्‍के झटकों को चेतावनी की तरह देखा जाना चाहिए.. लेकिन पहले आपको बताते हैं कि दिल्ली एनसीआर में इतने भूकंप के आने का कारण क्या है…

पूरे देश को भूकंप के लिहाज से 4 सिस्मिक जोन में बांटा गया है… इसको जोन-2, जोन-3, जोन-4 और जोन-5 नाम दिए गए हैं…. जोन-5 में आने वाले क्षेत्र भूकंप के लिहाज से सबसे संवेदनशील हैं… यानी की पूरे देश में सबसे ज्यादा खतरा जोन-5 से है….

भूकंपीय क्षेत्र की बात करें तो दिल्ली जोन 4 में आता है जो संवेदनशील है…. यहां भूकंप की ज्यादा संभावना है…. दिल्ली एनसीआर के इलाके में करोड़ों लोग बसते हैं….ऐसे में किसी भी प्रकार का बड़ा भूकंप यहां पर भारी तबाही लेकर आ सकता है…..

अब तक दिल्ली में जो भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं वो कम तीव्रता के हैं, लेकिन यदि अधिक तीव्रता का एक भी झटका दिल्ली एनसीआर में आता हो तो स्थिति भयावह हो सकती है.. आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि यदि 6 रिक्टर स्केल की तीव्रता से अधिक का भूकंप आया तो दिल्ली-एनसीआर का 80 फीसदी हिस्सा डैमेज हो जाएगा…और यहां रह रहे लोग मारे जाएंगे..

दरअसल दिल्ली-एनसीआर का अधिकतर इलाका रेतीली जमीन पर बसा हुआ है….. इस वजह से यदि यहां पर इतनी रिक्टर स्केल का भूकंप आया तो तबाही से बचना मुश्किल होगा….अब हम आपको बताते हैं कि भूकंप आने का कारण क्या है…

क्यों आता है भूकंप

धरती के अंदर 7 प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं. ..ये प्लेट्स जिन जगहों पर ज्यादा टकराती हैं, उसे फॉल्ट लाइन जोन कहा जाता है… बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं.. ज्यादा दबाव बनने लगता है तो ये प्लेट्स टूट जाती है, जिसके बाद एनर्जी बाहर आती है…इसी के बाद भूकंप आता है…भारतीय उपमहाद्वीप में भूकंप के झटके महसूस होते रहते है. टेक्टॉनिक प्लेटों में टक्कर के कारण ही भारतीय उपमहाद्वीप में अक्सर भूकंप आते हैं…

फ्रांसीसी भविष्यवेत्ता माइकल दि नास्त्रेदमस ने आने वाले कई सालों के लिए सदियों पहले ही भविष्यवाणियां कर दी थीं….पूरी दुनिया में लोग नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियों पर यकीन करते हैं…..कई दूसरे भविष्यवेत्ताओं ने भी 2020 में विनाश के ही संकेत दिए….नास्त्रेदमस ने माना है कि 2020 में एक नए युग की शुरुआत होगी.