IPL 2019: फाइनल में पहुंचने के लिए दिल्ली और चेन्नई में होगा मुकाबला

विशाखापट्टनम. आईपीएल में आज दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच सीजन 12 का दूसरा क्वालिफायर विशाखापट्टनम में खेला जाएगा. इस मुकाबले को जीतने वाली टीम फाइनल में मुंबई इंडियंस से भिडे़गी.

ऐसे में दोनों टीम हर हाल में एक-दूसरे के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी. युवा जोश से लबरेज दिल्ली कैपिटल्स की टीम अपने अनुभवी थिक-टैंक के साथ मिलकर चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान पर कदम रखेगी.

दिल्ली की टीम इस वक्त शानदार लय में है. लेकिन धोनी की करिशमाई कप्तानी के आगे दिल्ली के फाइनल में पहुंचने की राह बिल्कुल आसान नहीं होगी. दिल्‍ली ने कई साल बाद प्‍लेऑफ में जगह बनाई है तो चेन्नई सुपर किंग्स इस तरह के बड़े मुकाबले पहले भी कई बार खेल चुकी है.

चेन्नई ने तीन बार इस खिताब को जीतने का कारनामा किया है. इसके अलावा चार बार चेन्नई रनर अप रह चुकी है. टीम को हालांकि क्वालिफायर एक में मुंबई इंडियंस से शिकस्त झेलनी पड़ी. लेकिन धोनी की मौजूदगी में टीम किसी भी वक्त पासा पलट सकती है.

दिल्ली के पास बढ़िया गेंदबाजी लाइनअप है जो कगिसो रबाड़ा की गैरमौजूगी में भी ठीक प्रदर्शन कर रहा है. अगर आज के मैच में भी कप्तान अय्यर के गेंदबाजों ने अपने नाम के अनुरूप प्रदर्शन किया तो चेन्नई के लिए फाइनल की राह इतनी भी आसान नहीं होगी.

दिल्ली की टीम में अय्यर और पंत शानदार फॉर्म में चल रहे है. इसलिए टीम को फाइनल तक ले जाने की जिम्मेदारी इन्हीं दोनों बल्लेबाजों के कंधों पर होगी. वहीं शिखर धवन भी इस बड़े मौके पर खुद को साबित करने की कोशिश करेंगे.

चेन्नई के कप्तान धोनी के पास इमरान ताहिर और हरभजन जैसे उम्दा स्पिनर्स है जिन्हें खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता है. इन दोनों ही खिलाड़ियों ने इस सीजन में अपनी टीम को कई दफा एक तरफा मुकाबले जितवाएं है.

इसलिए कप्तान धोनी को दिल्ली के खिलाफ अपने इन दोनों ही गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन की आस रहेगी. वहीं दिल्ली के विस्फोटक बल्लेबाज पंत यूं तो किसी भी गेंदबाज पर भारी पड़ सकते है. लेकिन धोनी की चुतर कप्तानी में चेन्नई के गेंदबाजों से पार पाना उनके लिए भी आसान नहीं होने वाला है.

चेन्नई और दिल्ली कैपिटल्स का मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है. क्योंकि एक तरफ चेन्नई है जिसके पास अनुभव की कोई कमी नहीं है. वहीं दूसरी तरफ दिल्ली कैपिटल्स है, जिसके पास अनुभव की काफी कमी है. दिल्ली की टीम में ज्यादातर खिलाड़ी युवा है.

ऐसे में यह देखना अपने आप मे वाकई रोचक होगा कि दिल्ली कैपिटल्स के युवा खिलाड़ी इतिहास बनाने मैदान पर उतरेंगे या फिर धोनी की कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स एक बार फिर फाइनल तक का सफ़र तय करेगी.

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