देश भर की 62 सैन्य छावनियों ​में लागू हुई बीमा योजना ​

rajnath
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  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह​ ​ने शुरू की ​‘छावनी कोविड: योद्धा संरक्षण योजना’​​
    ​- बीमा योजना का फायदा ​​छावनी क्षेत्रों ​के 10​ हजार कर्मचारियों ​को मिलेगा ​
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    ​नई दिल्ली, 25 अगस्त (हि.स.). ​रक्षा मंत्रालय और रक्षा संपदा महानिदेशालय (डीजीडीई) ने ​मंगलवार को यहां देश भर में स्थित 62 छावनियों में केन्द्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) के कार्यान्वयन में सुधार के लिए एक वेबिनार का आयोजन किया. ​​रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ​ने इस​ योजना ​का शुभारम्भ किया.

अपने उद्घाटन भाषण में राजनाथ सिंह ने कहा कि ​​छावनी क्षेत्रों में रहने वाले लगभग 21 लाख नागरिकों को केन्द्र ​सरकार की ​योजनाओं ​का लाभ देने और उनके स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में यह वेबिनार एक अहम कदम है. आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्मार्ट सिटी मिशन, स्कूली बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन योजना आदि​ ​का उल्लेख करते हुए ​उन्होंने कहा कि छावनी क्षेत्रों में इन कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वनय में कोई कमी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने ​रक्षा मंत्रालय की ​’​आत्मनिर्भर भारत​’​ पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार आर्थिक विकास हासिल करने की दिशा में ​नए प्रयोगों का स्वागत करती है.

इस दो दिवसीय वेबिनार में ​देश की ​सभी 62 छावनी बोर्डों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) ने भाग लिया. इसका आयोजन छावनी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों ​के लिए सरकारी लाभों ​का विस्तार ​किये जाने की रूपरेखा तैयार करने के लिए किया गया था. वेबिनार में आवास, शहरी कार्य, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और महिला एवं बाल विकास जैसे मंत्रालयों के संयुक्त सचिव/ नोडल अधिकारियों ने भाग लिया. संबंधित राज्य विभागों में संबंधित स्टेट मिशन निदेशकों और प्रमुख सचिवों ने भी वेबिनार में भाग लिया.

रक्षा मंत्री ने जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के माध्यम से एक समूह जीवन बीमा योजना ​​‘छावनी कोविड: योद्धा संरक्षण योजना’ का भी शुभारम्भ किया, जिससे 62 छावनी बोर्डों के 10​ हजार कर्मचारियों को जोड़ा जाएगा. इस योजना के तहत किसी तरह की आपदा में जान जाने की स्थिति में हर कर्मचारी को 5 लाख रुपये का बीमा कवर ​होगा. इस योजना से चिकित्सकों, चिकित्सा सहायकों और स्वच्छता कर्मचारियों सहित स्थायी और अनुबंधित कर्मचारियों को फायदा मिलेगा.

​हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत