2300 मुस्लिम महिलाओं को मोदी सरकार की इस बड़ी पहल से मिला फायदा

हज यात्रा पर GST घटकर पांच प्रतिशत होने से हजयात्रियों की कुल 113 करोड़ रुपये की बचत होगी. इस बात की जानकारी देते हुए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार भारत से 2,300 से ज्यादा मुस्लिम महिलाएं बिना ‘मेहरम’ के इस साल हज यात्रा पर जाएंगी. केन्द्र ने हाल ही में जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से कम कर पांच प्रतिशत कर दी है.

आरकेपुरम में हज डिविजन के नए आफिस का उद्घाटन करते हुए मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया कि इस साल देश के विभिन्न राज्यों में रहने वाली 2340 मुस्लिम महिलाओं ने मेहरम के बिना हज 2019 पर जाने के लिए आवेदन किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर साल 2019 में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने बिना मेहरम के हज यात्रा पर जाने वाली महिलाओं को बिना लाटरी सिस्टम के यात्रा पर भेजना सुनिश्चित किया है.

नकवी ने बताया कि हज 2019 के लिए लगभग 2.67 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 1 लाख 64 हजार 902 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं. उन्होंने कहा कि हज प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन या डिजिटल करने से पूरी हज प्रक्रिया को पारदर्शी और हज यात्रियों के अनुकूल बनाने में मदद मिली है.

बता दें कि मोदी सरकार की इस पहल से 2018 में करीब 1300 मुस्लिम महिलाएं अकेले ही हज पर गई थीं. साथ ही पिछले साल 1,75,025 रिकार्ड मुसलमानों ने बिना किसी सब्सिडी के हज यात्रा की थी जिसमें से 48 फीसद महिलाएं थीं.