'राम मंदिर' पर तारीख पर तारीख…फैसला कब?

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर पर सुनवाई लगातार टलती जा रही है. पूरे देश की निगाहें इस मामले पर टिकी हुईं हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने 8 मार्च को राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद मामले पर सुनवाई करते हुए इसे मध्यस्थता पैनल के पास भेज दिया है. अदालत ने चार हफ्तों के अंदर मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। साथ ही आठ हफ्तों के अंदर पूरी रिपोर्ट मांगी है.

इससे पहले, फरवरी महीने में शीर्ष अदालत ने सभी पक्षकारों को दशकों पुराने इस विवाद को मैत्रीपूर्ण तरीके से मध्यस्थता के जरिये निपटाने की संभावना तलाशने का सुझाव दिया था. न्यायालय ने कहा था कि इससे ‘‘संबंधों को बेहतर’’बनाने में मदद मिल सकती है.

  • 1992: विश्व हिंदू परिषद, शिव सेना और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद को गिरा दिया. इसके बाद देश भर में हिंदू और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे. इन दंगों में 2000 से ज़्यादा लोग मारे गए.
  • 1998: प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने गठबंधन सरकार बनाई.
  • 2001: बाबरी मस्जिद गिराए जाने की बरसी पर तनाव बढ़ गया और विश्व हिंदू परिषद ने विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण करने के अपना संकल्प दोहराया.
  • 2002-जनवरी: अयोध्या विवाद सुलझाने के लिए प्रधानमंत्री वाजपेयी ने अयोध्या समिति का गठन किया. वरिष्ठ अधिकारी शत्रुघ्न सिंह को हिंदू और मुसलमान नेताओं के साथ बातचीत के लिए नियुक्त किया गया.
  • 2002-फ़रवरी.भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में राम मंदिर निर्माण के मुद्दे को शामिल करने से इनकार किया.
  • विश्व हिंदू परिषद ने 15 मार्च से राम मंदिर निर्माण कार्य शुरू करने की घोषणा की. सैकड़ों हिंदू कार्यकर्ता अयोध्या में जुटे. अयोध्या से लौट रहे हिंदू कार्यकर्ता जिस रेलगाड़ी में यात्रा कर रहे थे उस पर गुजरात के गोधरा में हुए हमले में 58 कारसेवक मारे गए.
  • 13 मार्च, 2002: सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा कि अयोध्या में यथास्थिति बरक़रार रखी जाएगी और किसी को भी सरकार द्वारा अधिग्रहीत ज़मीन पर शिलापूजन की अनुमति नहीं होगी. केंद्र सरकार ने कहा कि अदालत के फ़ैसले का पालन किया जाएगा.
  • 15 मार्च, 2002: विश्व हिंदू परिषद और केंद्र सरकार के बीच इस बात को लेकर समझौता हुआ कि परिषद के नेता सरकार को मंदिर परिसर से बाहर शिलाएं सौंपेंगे.
  • रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत परमहंस रामचंद्र दास और विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंघल के नेतृत्व में लगभग आठ सौ कार्यकर्ताओं ने सरकारी अधिकारी को अखाड़े में शिलाएं सौंपीं.
  • मार्च 2003: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से विवादित स्थल पर पूजापाठ की अनुमति देने का अनुरोध किया जिसे ठुकरा दिया गया.
  • अप्रैल 2003: इलाहाबाद हाइकोर्ट के निर्देश पर पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग ने विवादित स्थल की खुदाई शुरू की, जून महीने तक खुदाई चलने के बाद आई रिपोर्ट में कहा गया है कि उसमें मंदिर से मिलते-जुलते अवशेष मिले हैं.
  • मई 2003: सीबीआई ने 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराए जाने के मामले में उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी सहित आठ लोगों के ख़िलाफ़ पूरक आरोपपत्र दाखिल किए.
  • अप्रैल 2004: आडवाणी ने अयोध्या में अस्थायी राममंदिर में पूजा की और कहा कि मंदिर का निर्माण ज़रूर किया जाएगा.
  • जनवरी 2005: लालकृष्ण आडवाणी को अयोध्या में छह दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद के विध्वंस में उनकी कथित भूमिका के मामले में अदालत में तलब किया गया.
  • जुलाई 2005: पांच हथियारबंद चरमपंथियों ने विवादित परिसर पर हमला किया जिसमें पांचों चरमपंथियों सहित छह लोग मारे गए, हमलावर बाहरी सुरक्षा घेरे के नज़दीक ही मार डाले गए.
  • 28 जुलाई 2005: लालकृष्ण आडवाणी 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में रायबरेली की एक अदालत में पेश हुए. अदालत ने लालकृष्ण आडवाणी के ख़िलाफ़ आरोप तय किए.
  • 4 अगस्त 2005: फ़ैजाबाद की अदालत ने अयोध्या के विवादित परिसर के पास हुए हमले में कथित रूप से शामिल चार लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा.
  • जुलाई 2006: सरकार ने अयोध्या में विवादित स्थल पर बने अस्थायी राम मंदिर की सुरक्षा के लिए बुलेटप्रूफ़ काँच का घेरा बनाए जाने का प्रस्ताव किया. इस प्रस्ताव का मुस्लिम समुदाय ने विरोध किया.
  • 19 मार्च 2007: कांग्रेस सांसद राहुल गाँधी ने चुनावी दौरे के बीच कहा कि अगर नेहरू-गाँधी परिवार का कोई सदस्य प्रधानमंत्री होता तो बाबरी मस्जिद न गिरी होती. उनके इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया हुई.
  • 30 जून-2009: बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले की जाँच के लिए गठित लिब्रहान आयोग ने 17 वर्षों के बाद अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सौंपी.
  • 7 जुलाई, 2009: उत्तर प्रदेश सरकार ने एक हलफ़नामे में स्वीकार किया कि अयोध्या विवाद से जुड़ी 23 महत्वपूर्ण फ़ाइलें सचिवालय से ग़ायब हो गई हैं.
  • 20 मई, 2010: बाबरी विध्वंस के मामले में लालकृष्ण आडवाणी और अन्य नेताओं के ख़िलाफ़ आपराधिक मुक़दमा चलाने को लेकर दायर पुनरीक्षण याचिका हाई कोर्ट में ख़ारिज.
  • 26 जुलाई, 2010: रामजन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद पर सुनवाई पूरी.
  • 8 सितंबर, 2010: अदालत ने अयोध्या विवाद पर 24 सितंबर को फ़ैसला सुनाने की घोषणा की.
  • 17 सितंबर, 2010: हाई कोर्ट ने फ़ैसला टालने की अर्जी ख़ारिज की.
  • 30 सितम्बर 2010: एक ऐतिहासिक फ़ैसले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने अयोध्या के विवादित स्थल को राम जन्मभूमि घोषित किया और तीन हिस्सों में बांट दिया.
  • 9 मई 2011: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फ़ैसले पर रोक लगाते हुए कहा कि सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के फ़ैसले को लागू करने पर रोक रहेगी
  • 26 फ़रवरी 2016: विवादित भूमि पर राम मंदिर के निर्माण को लेकर सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की.
  • 21 मार्च 2017: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर ने कहा कि अयोध्या विवाद मामले को आपसी बातचीत से सुलझा लेना चाहिए.
  • 07 अगस्त 2017: सुप्रीम कोर्ट ने 1994 में इलाहाबाद हाई कोर्ट के दिए गए इस्माइल फ़ारूक़ी फ़ैसले को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के लिए तीन जजों की बेंच का गठन किया.
  • 08 अगस्त 2017: यूपी शिया सेंट्रल वक्फ़ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि अयोध्या में विवादित ज़मीन से कुछ दूरी पर मुस्लिम बहुल इलाक़े में मस्जिद बनाई जा सकती है.
  • 11 सितंबर 2017: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को निर्देश देते हुए कहा कि अयोध्या में राम जन्मभूमि की निगरानी के लिए 10 दिनों के अंदर दो जजों को बतौर पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाए.
  • 20 नवंबर 2017: यूपी शिया सेंट्रल वक्फ़ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि मंदिर अयोध्या में और मस्जिद लखनऊ में बनाई जा सकती है.
  • 01 दिसंबर 2017: 32 कार्यकर्ताओं ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के 2010 के फ़ैसले को चुनौती देने के लिए हस्तक्षेप आवेदन दिए. इसमें फ़िल्म निर्माताओं अपर्णा सेन, श्याम बेनेगल और मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ समेत सुब्रमण्यम स्वामी के आवेदन शामिल थे.
  • 14 मार्च 2018: सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रमण्यम स्वामी समेत सभी अंतरिम याचिकाओं को ख़ारिज किया. केवल सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका के बारे में अदालत ने कहा कि अब इसे एक अलग याचिका के रूप में सूचीबद्ध किया जाएगा.ॉ
  • 06 जुलाई 2018: उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कुछ मुस्लिम संगठन 1994 के फ़ैसले पर पुनर्विचार की मांग कर मामले की सुनवाई में देर कराने की कोशिश कर रहे हैं.
  • 13 जुलाई 2018: सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया कि अयोध्या में विवादित ज़मीन के मामले में 20 जुलाई से लगातार सुनवाई होगी.
  • 20 जुलाई 2018: सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा.
  • 27 सितंबर 2018: सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद से जुड़े 1994 वाले फ़ैसले पर पुनर्विचार से इनकार किया. उस फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ‘मस्जिद में नमाज़ पढ़ना इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं है’. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस्माइल फ़ारुकी मामले को संवैधानिक पीठ के पास भेजने से भी इनकार कर दिया.
  • 3 जनवरी 2019- सुप्रीम कोर्ट में 10 जनवरी तक फिर टली राम मंदिर मामले की सुनवाई
  • 10 जनवरी -राम मंदिर पर सुनवाई की तारीख फिर बढ़ाई गई

सुप्रीम कोर्ट ने 8 मार्च को राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद मामले पर सुनवाई करते हुए इसे मध्यस्थता पैनल के पास भेज दिया है. अदालत ने चार हफ्तों के अंदर मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। साथ ही आठ हफ्तों के अंदर पूरी रिपोर्ट मांगी है.

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