राजस्थानः 4 दिवसीय हड़ताल से सूनी हो गई जीरा मंडी

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जोधपुर, राजस्थान।

केन्द्र सरकार के कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश, 2020 के विरोध में राजस्थान की सभी मंडियां मंगलवार से 4 दिन के लिए बंद हो गई. जोधपुर में भी जीरा मंडी में आज से हड़ताल शुरू की गई है.

राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ की कार्यकारिणी एवं सहयोग-संघर्ष समिति की हुई बैठक में इस हड़ताल का फैसला लिया गया था. अब आन्दोलन की आगे की रूपरेखा तय करने के लिए 28 अगस्त को पुन: सहयोग-संघर्ष समिति की बैठक आयोजित की जाएगी. आज सुबह से ही जीरा मंडी सूनी नजर आई. गाड़ियों के पहिए भी थमे रहे.

व्यापारियों के अनुसार इस अध्यादेश के अधीन मंडियों से बाहर काम करने वाले व्यापारी, मिलर, वेयरहाउसेज बगैर मण्डी लाइसेन्स तथा बिना मण्डी सेस चुकाये जिंसों की खरीद-फरोख्त कर सकेंगे. इस कानून के अनुसार राज्य के किसी भी कोने में किसान, ट्रेडर, आढ़तिया क्रय-विक्रय कर सकेंगे.

राज्य के बाहर भी कृषि जिंस का खरीद-फरोख्त, बिना अनुज्ञापत्र लिए तथा बगैर मण्डी सेस चुकाये कर सकेंगे. इस कारण मंडियों में कार्यरत व्यापारी व आढ़तियां का व्यापार समाप्त होने के कगार पर पहुंच गया है तथा मण्डी के बाहर असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाएंगे.

व्यापार संघों की केन्द्र सरकार से मांग है कि वे जिस प्रकार इस अध्यादेश के अन्तर्गत मंडी के बाहर मंडी सेस तथा अन्य सेस समाप्त किए हैं, उसी प्रकार मंडियों में भी मण्डी सेस व अन्य सेस समाप्त करें. मंडियों के मेन्टीनेन्स के लिए नोमिनल मेन्टीनेन्स चार्जेज लिए जा सकते हैं.

यदि केन्द्र सरकार यह नहीं कर सकती है तो मण्डी के बाहर कार्य करने वाले व्यापारी, मिलर आदि को भी राज्यों में लागू मण्डी टैक्स देय लागू किया जाए.

हिन्दुस्थान समाचार/सतीश