कलक्ट्रेट में पास से ज्यादा शराब की दुकानों पर पहुंचे ‘प्यासे’

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उदयपुर, 04 मई (हि.स.). कोरोना वायरस के संक्रमण पर अंकुश लगाने की खातिर 24 मार्च से लम्बे लॉकडाउन के बाद सोमवार से शर्तों के साथ शराब की दुकानें खोलने पर ऐसा लगा मानो लोगों को अरसे से ‘सुरामृत’ का इंतजार हो. आलम यह था कि कलक्ट्रेट में पास के लिए जरूरतमंदों की संख्या गिनी जाए और शहर की चंद शराब दुकानों पर ग्राहकों की संख्या गिन ली जाए तो वह भी ज्यादा होगी. 

लॉकडाउन 3.0 सोमवार से लागू हो गया. इसके तहत कुछ शर्तों के साथ रेड, ऑरेंज व ग्रीन जोन में सुबह दस बजे से शाम के छह बजे तक शराब की दुकानें खोलने का प्रावधान किया गया. किराणे के अलावा अन्य दुकानों को अनुमति नहीं मिली, लेकिन सरकार ने शराब की दुकानों को खोल दिया है. सोमवार को जिले में कई जगह पर सुबह दस बजे शराब की दुकानें खुल गईं. शराब खरीदने वालों में भारी उतावलापन नजर आया. हालांकि, उन्हें दुकान के बाहर बनाए गए गोलों में खड़ा रहना पड़ा. अधिकतर जगह पर तो लोग नौ बजे से ही लाइनों में लग गए. इसके साथ ही उदयपुर के चेतक सर्कल, सेक्टर-14 व पारस सहित कई जगह सुबह से ही शराब की दुकानों पर काफी भीड़ देखी गई. इस बीच, यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि ग्राहकों के नंबर नोट किए जा रहे हैं या नहीं. 

करीब 40 दिन बाद खुलने वाली दुकानों पर कई जगह सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां भी उड़ीं. लोग बड़ी मात्रा में शराब की बोतलें खरीद रहे हैं, माना जा सकता है कि सभी ग्राहक स्टॉक करने की योजना से खरीदारी के लिए पहुंचे. जैसे उन्हें पूरा यकीन हो कि यह मौका लगातार नहीं मिलने वाला. 

सोशल मीडिया पर ‘दान’ और ‘दारू’ की चर्चा 

-शराब की दुकानों पर उमड़े ग्राहकों को देखने के बाद सोशल मीडिया पर ‘दान’ और ‘दारू’ पर चर्चा शुरू हो गई. दरअसल, कई जगहों पर शराब की दुकानों के बाहर श्रमिकहारा वर्ग और गरीब वर्ग के पुरुष भी कतार में नजर आए. कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस पर अचरज जताया और सोशल मीडिया पर कहा कि कई लोग ऐसे हैं जिनके यहां शहर के सेवाभावी लोग और संस्थाएं राशन किट या भोजन पैकेट पहुंचा रहे हैं. ऐसे ही गरीब वर्ग तक सरकार ने भी राशन किट पहुंचाया है. उन्हीं के परिवारों के पुरुषों के शराब खरीदने की कतार में खड़ा नजर आना एक टीस दे गया. सवाल यह खड़ा हो गया कि जिनके राशन-पानी के लिए हर कोई चिंता जता रहा हो, उनके पास शराब खरीदने का पैसा है? 

हिन्दुस्थान समाचार/सुनीता कौशल/संदीप