हाथरस के बाद मध्यप्रदेश में भी नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, कांग्रेस ने सरकार को घेरा

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खरगौन, 01 अक्टूबर (हि.स.). उत्तरप्रदेश के हाथरस में नाबालिग के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पूरा देश आक्रोशित है. अब ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश में भी सामने आया है. प्रदेश के खरगौन जिले में चैनपुर थाना क्षेत्र के झिरन्या पुलिस चौकी अंतर्गत एक 15 वर्षीय नाबालिग को अगवाकर उसके साथ तीन युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किया गया और उसे जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए.

नाबालिग किशोरी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उसका उपचार जारी है. घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है. पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी हुई है. इधर, घटना को लेकर कांग्रेस ने शिवराज सरकार को घेरा है.

पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने गुरुवार को सोशल मीडिया के माध्यम से शिवराज सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट के कहा कि खरगोन में मासूम बेटी के साथ दरिंदगी की घटना, सीहोर में फिर एक किसान की खुदकुशी की घटना, भोपाल में युवा की रोजगार ना मिलने पर खुदकुशी की घटना इसके प्रत्यक्ष उदाहरण है. पता नहीं शिवराज सरकार कब नींद से जागेगी और ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी?

एमपी कांग्रेस ने ट्वीट कर शिवराज सरकार को घेरते हुए ट्वीट किया है कि -‘खरगोन में यूपी जैसी घटना, आधी रात आए और नाबालिक से दुष्कर्म, मध्यप्रदेश के खरगोन में 15 वर्षीय नाबालिग के साथ तीन अज्ञात बदमाशों ने दुष्कर्म किया और लडक़ी के भाई से मारपीट की. शिवराज जी, यही राक्षसराज वापस लाने के लिये विधायक खरीदे थे..? “बेशर्मराज”

वही पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव ने लिखा है कि मप्र में महिलाएं एवं बच्चियां सुरक्षित नहीं है, झिरन्या (खरगोन) में 15 वर्ष की बच्ची को अगवा कर दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को पकडक़र उन्हें कठोरतम सजा दी जानी चाहिए. ‘शर्मराज’.

यह है घटनाक्रम

दरअसल, घटना मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात खरगोन जिला मुख्यालय से 60 किमी दूर झिरन्या के ग्राम मारूगढ़ की है. पुलिस के अनुसार, बाइक पर सवार होकर आए तीन युवक रात में पानी पीने के लिए ग्राम मारूगढ़ स्थित खेत में बने एक मकान में आए और यहां से नाबालिग को उठा ले गए. इसके बाद तीनों ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी दी.

घटना के दौरान घर में मौजूद पीडि़त किशोरी के बड़े भाई के साथ आरोपितों ने जमकर मारपीट की और वहां से फरार हो गए. घटना के बाद पीडि़त के भाई ने फोन पर परिजनों और पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पीडि़त किशोरी के बयान के आधार पर प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू की. पीडि़त नाबालिग को गंभीर हालत में खरगौन के जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उसका उपचार जारी है.

ग्रामीणों के अनुसार, पीडि़त नाबालिग के पांच भाई हैं और वह पांचवीं तक पढ़ाई करने के बाद भाई के साथ खेत पर ही रहती है. आरोपितों ने नाबालिग को अगवाकर कर दूर ले गए और वारदात को अंजाम दिया. रात करीब 3 बजे परिजन पीडि़त को लेकर गांव पहुंचे और सुबह छह बजे पुलिस को शिकायत की.

पीडि़त ने बताया कि तीनों ने मुंह पर कपड़ा बांधा था. इसमें दो युवक आदिवासी बोली में बात कर रहे थे, जबकि एक हिंदी व निमाड़ी बोल रहा था. पुलिस के अनुसार, घटना के कुछ देर के बाद आरोपित बाइक लेने आए थे, लेकिन बाइक चालू नहीं हुई तो उसे छोडक़र भाग गए. उनकी उम्र 20-30 साल के बीच है.

एसपी शैलेंद्र चौहान के अनुसार, घटनास्थल से जो बाइक बरामद हुई है, वह तीन माह पहले इंदौर से चोरी हुई थी. पुलिस ने बाइक को आसपास के लोगों से तस्दीक कराई. ताकि घटना की जानकारी मिल सके. इंदौर में बाइक के फुटेज की जांच कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि आरोपितों के खिलाफ अपहरण और गैंगरेप का प्रकरण दर्ज किया है और उनकी तलाश की जा रही है. आरोपित जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे.

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश / उमेद