बंगाल की सड़कों पर माकपा-कांग्रेस की एकजुट लड़ाई की सहमति

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में बीजेपी के बढ़ते हुए जनाधार को रोकने के लिए राज्यभर में माकपा और कांग्रेस एकजुट होने को तैयार है.बीजेपी के रोकने के लिए कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के आह्वान का माकपा ने भी स्वागत किया है.

राज्य विधानसभा में एक पुस्तक के प्रकाशन के दौरान माकपा विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने उनकी बात को दोहराया है.उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों की भलाई के लिए माकपा और कांग्रेस एकजुट होकर लड़ती रहेगी.

दरअसल मुर्शिदाबाद के बहरमपुर से कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी को बुधवार को राज्य विधानसभा में सम्मानित किया गया था.वहां उन्होंने कहा था कि राज्य में बीजेपी को रोकने के लिए माकपा और कांग्रेस की एकजुट लड़ाई आवश्यक है.

पश्चिम बंगाल विधानसभा के नौशाद अली कक्ष में सूर्यकांत मिश्रा ने कहा कि 2011 के बाद से पश्चिम बंगाल में विपक्षियों पर हमले सबसे अधिक बढ़े हैं.इससे विपक्ष कमजोर हुआ है. हालांकि उन्होंने स्वीकार किया है कि इस तरह के हमलों के कारण तृणमूल कांग्रेस भी कमजोर हुई है.

राज्य में लड़कियों की सुरक्षा, सवालों के घेरे में है. उन्होंने कहा कि आज ममता बनर्जी कटमनी को लेकर खुद को पाक-साफ साबित करने की कोशिश कर रही हैं लेकिन ममता की इच्छा के बगैर राज्य में उनके नेता कुछ भी करें. ऐसा सम्भव नहीं है.

बंगाल में मीडिया पर प्रतिबंध है. विपक्षियों के अधिकारों को खत्म कर दिया गया है. कोई अगर सरकार का विरोध करें तो उसे जेल में डाला जाता है.

कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अब्दुल मन्नान ने कहा कि जब राज्य में वाम मोर्चे की सरकार थी तब विपक्षी ढेर सारे सवाल पूछते थे और विधानसभा में उसका उत्तर मिलता था लेकिन अब इस परंपरा को खत्म कर दिया गया है.


सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि प्रत्येक जिले में जाकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रशासनिक बैठक करती हैं लेकिन सच्चाई ये है कि वहां लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों की समस्याएं सुनने के बजाय बोलती ज्यादा हैं. विधानसभा में जब भी प्रश्नोत्तर सत्र होता है तो विपक्ष को बोलने की अनुमति नहीं होती.

हिन्दुस्थान समाचार /ओम प्रकाश

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