बुजुर्ग मतदाता और कोरोना मरीज घर बैठे कर सकते हैं मतदान

कोरोना महामारी के मद्देनजर चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है. चुनाल आयोग ने मोदी सरकार के उस फैसले को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत 65 साल से अधिक आयु वाले मतदाता और इस कोरोना पीड़ित को पोस्टल बैलेट के जरिए घर बैठे मतदान करने की सुविधा प्रदान की है.

केंद्र सरकार ने इन मतदाताओं को यह सुविधा मुहैया कराने के लिए चुनाव संचालन संबंधी नियम 1961 में संशोधन किया है. यह फैसला चुनाव आयोग के परामर्श के बाद किया गया है. ऐसे लोग जिनमें कोरोना रोग के लक्षण हैं और वह किसी स्वास्थ्य सुविधा केंद्र के बजाय अपने घर पर एकांतवास (क्वॉरेंटाइन) में हैं. वह भी पोस्टल बैलट का उपयोग कर सकेंगे.

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशा निर्देशों में कहा गया है कि 65 वर्ष से अधिक आयु के लोग घर से बाहर ना निकले क्योंकि उनके कोरोना से संक्रमित होने की संभावना सबसे ज्यादा है. आगामी अक्टूबर और नवंबर में बिहार विधानसभा के चुनाव होने हैं.

इस महामारी के कारण सामान्य राजनीतिक गतिविधियां और प्रचार भी प्रभावित हुआ है. चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार अब तक केवल सुरक्षा बल के जवानों और चुनाव कार्य में लगे कर्मचारियों को ही पोस्टल बैलट से मतदान की सुविधा प्राप्त थी. साथ ही चुनाव संचालन नियम के 227ए में अब तक दिव्यांगों और 80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को यह सुविधा प्राप्त थी.

इस साल दिल्ली विधानसभा के चुनावों में प्रयोग के तौर पर दिव्यांगों और 80 वर्ष से अधिक के मतदाताओं को भी यह सुविधा दी गई थी. इसके पहले 9 राज्यों में राज्यसभा की 19 सीटों को भरने के लिए जून में चुनाव हुआ था जिसमें अस्वस्थ विधायकों को पोस्टल बैलेट के जरिए मतदान की सुविधा दी गई थी.

हिन्दुस्थान समाचार/अनूप

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